गौ सेवा की अलख जगाने वाले संतोष चौहान बने युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत

गौ सेवा की अलख जगाने वाले संतोष चौहान बने युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत
लहार | भिंड
लहार नगर निवासी गौरक्षक संतोष चौहान पिछले एक दशक से गौ माता की रक्षा, सेवा और सुरक्षा के लिए ज़मीनी स्तर पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। बीमार, घायल और भूखी गायों की सेवा को जीवन का उद्देश्य बना चुके संतोष चौहान दिन-रात गौ सेवा में समर्पित हैं।
संतोष चौहान द्वारा लहार नगर में सड़कों पर भटकने वाली भूखी गायों के लिए नियमित रूप से गौ भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी निजी भूमि पर गायों के लिए हरा चारा तैयार किया है और वहीं घरेलू “मां गायत्री गौशाला” की स्थापना की है, जहां बीमार और घायल गायों को आश्रय देकर उनका उपचार और देखभाल की जाती है।
गौ सेवा की यह अलख अब केवल लहार तक सीमित नहीं रही। संतोष चौहान भिंड जिले के युवाओं को गौ सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में जिले भर के सैकड़ों युवाओं ने अपने-अपने गांव और नगरों में भूखी गायों के लिए गौ भंडारे शुरू किए हैं। सर्दी और भूख से बचाव के लिए अस्थायी गौशालाएं बनाकर बीमार व घायल गायों के लिए चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
गौ तस्करी के खिलाफ भी संतोष चौहान ने सख्त मोर्चा संभाला है। उनके प्रयासों से अब तक दर्जनों कंटेनरों को पकड़ा गया है और जबरन हांककर ले जाई जा रही हजारों गायों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है।
उनकी निस्वार्थ गौ सेवा से प्रभावित होकर तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति द्वारा उन्हें राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी उन्हें गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं।
निःस्वार्थ सेवा, साहस और समर्पण से भरा संतोष चौहान का यह अभियान आज भिंड जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
Sntoshchuhanan Sntoshchuhan

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