पिछड़ों एवं शोषितों के मसीहा, भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती आज लहार नगर के वार्ड क्रमांक 02 में बड़े ही श्रद्धा और धूमधाम से मनाई गई। यह आयोजन पंकज यागिक, पार्षद के निवास पर सेन श्रीवास समाज के बंधुओं द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामरतन सेकेट्री ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत रामरतन जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात उपस्थित समाज बंधुओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर हर्ष और उल्लास व्यक्त किया।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष पंकज यागिक ने जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेन श्रीवास समाज में जन्मे कर्पूरी ठाकुर जी सरलता, सादगी और सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। वे हमेशा पिछड़े और शोषित वर्ग की आवाज बने और उनके अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि जननायक जी बड़े-बड़े राजनीतिक पदों पर रहते हुए भी आम जनता के बीच साधारण जीवन जीना पसंद करते थे। वे बिना किसी तामझाम के गांव की चौपाल पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते और मौके पर ही समाधान निकालते थे। शिक्षा, सड़क और पानी जैसे मूलभूत मुद्दों पर उनका ज़मीनी कार्य आज भी मिसाल के रूप में याद किया जाता है।
युवाओं के प्रति उनके विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए पंकज यागिक ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी का मानना था—
“अगर युवा सही दिशा में सोच ले, तो बदलाव को कोई नहीं रोक सकता।”
उन्होंने बताया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद जननायक जी अपने विरोधियों का भी सम्मान करते थे और उनके लिए राजनीति विचारों की लड़ाई थी, व्यक्ति की नहीं। उनका जनसेवा का संकल्प और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
इस अवसर पर मंगल सविता, अखिलेश श्रीवास, बृजेंद्र सेन, आनंद सेन, शैलू श्रीवास, गंभीर श्रीवास, सतेंद्र श्रीवास, संतोष श्रीवास, संजू श्रीवास, विनय प्रताप, देवांश सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
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