मनीष विद्यापीठ में मनाई गई गांधी जी की पुण्य तिथि


लहार
  दिनांक 30/01/2025 दिन गुरुवार को विद्यालय में महात्मा गांधी जी की पुण्य तिथि मनाई गई। जिसमें शिक्षकों के साथ विद्यालय में अध्ययन करने वाले बच्चों ने भी अपनी सहभागिता दी।
सर्वप्रथम विद्यालय की संचालिका अनीता बड़ेलाल महते ने महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण किया उसके बाद सभी शिक्षकों ने भी पुष्प अर्पित किए।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव एडवोकेट सुमित महते ने बताया कि मोहनदास करमचन्द गांधी  जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था एवं उनकी मृत्यु 30 जनवरी 1948 को हुई थी। गांधी जी को महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है। भारत एवं भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार करने के समर्थक अग्रणी नेता थे, उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर रखी गयी थी जिसने भारत सहित पूरे विश्व में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। उन्हें संसार में साधारण जनता महात्मा गांधी के नाम से जानती है। संस्कृत भाषा में महात्मा अथवा 'महान आत्मा' एक सम्मान सूचक शब्द है।
इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षको ने भी बच्चों के साथ महात्मा गांधी जी की रोचक जानकारी दी और बताया कि उन्हें बापू के नाम से भी स्मरण किया जाता है। एक मत के अनुसार गांधीजी को बापू सम्बोधित करने वाले प्रथम व्यक्ति उनके साबरमती आश्रम के शिष्य थे सुभाष चन्द्र बोस ने 6 जुलाई 1944 को रंगून रेडियो से गांधी जी के नाम जारी प्रसारण में उन्हें राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित करते हुए आज़ाद हिन्द फौज के सैनिकों के लिये उनका आशीर्वाद और शुभकामनाएँ माँगीं थीं। प्रति वर्ष 2 अक्टूबर को उनका जन्म दिन भारत में गांधी जयन्ती के रूप में और पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बापू जी अर्थात सत्य, अहिंसा और शांति के प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन।

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