लहार:हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक 03 फरवरी दिन सोमवार को मनीष विद्यापीठ स्कूल में बसंत पंचमी का उत्सव मनाया गया जिसमें कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक महेश महते, संचालिका अनीता बड़ेलाल महते स्कूल के सचिव एड़वोकेट सुमित महते एवम प्राचार्य नेहा शर्मा विशेष् रूप से उपस्थित रहे ।
आगे के क्रम में बसंत उत्सव का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ
जिसमे मंच का संचालन विद्यालय की शिक्षिका निशा अग्रवाल ने किया साथ ही कक्षा 5th के बच्चों ने मां सरस्वती गीत प्रस्तुत किया।
विद्यालय के बच्चों ने सर्वप्रथम माँ सरस्वती का पूजन किया एवं उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया सभी बच्चों ने विद्या की देवी माँ सरस्वती से विद्या की कामना एवम पुष्प अर्पण किये।
इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षक और शिक्षकाओ ने आज के दिन अर्थात बसन्त पंचमी के बारे में रोचक जानकारी देते हुए बताया कि सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु जी की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने जीवों, खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की। अपनी सर्जना से वे संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लगता था कि कुछ कमी रह गई है जिसके कारण चारों ओर मौन छाया रहता है। विष्णु जी से अनुमति लेकर ब्रह्मा जी ने अपने कमण्डल से जल छिड़का, पृथ्वी पर जलकण बिखरते ही उसमें कंपन होने लगा। इसके बाद वृक्षों के बीच से एक अद्भुत शक्ति का प्राकट्य हुआ। यह प्राकट्य एक चतुर्भुजी सुंदर स्त्री का था जिसके एक हाथ में वीणा तथा दूसरा हाथ वर मुद्रा में था। अन्य दोनों हाथों में पुस्तक एवं माला थी। ब्रह्मा ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा का मधुरनाद किया, संसार के समस्त जीव-जन्तुओं को वाणी प्राप्त हो गई। जलधारा में कोलाहल व्याप्त हो गया। पवन चलने से सरसराहट होने लगी। तब ब्रह्मा ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा। ये विद्या और बुद्धि प्रदाता हैं। संगीत की उत्पत्ति करने के कारण ये संगीत की देवी भी हैं। विद्यालय की संचालिका ने बताया कि बसन्त पंचमी के दिन को इनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं।
विद्यालय में अध्ययन कर रहे बच्चो ने भी आज के दिन का विशेष महत्व होता है की जानकारी दी।
ऋग्वेद में माँ सरस्वती का वर्णन करते हुए कहा गया है-
प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु । अर्थात ये परम चेतना हैं सरस्वती के रूप में ये हमारी बुद्धि, प्रज्ञा तथा मनोवृत्तियों की संरक्षिका हैं।
बच्चों की सद बुद्धि के लिए विद्यालय में मां का पूजन का भी आयोजन किया गया जिसमे शिक्षकाये एवम प्रवंधन समिति और बच्चे शामिल हुए।
और अंत में विद्यालय की ओर से सभी बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया इस कार्यक्रम में विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं एवम समिति सचिव सुमित महते भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।।।।


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