📝 देवानंद नायक @9713989417
ग्वालियर : खांटी संघी और भाजपा के संगठन मंत्री रहे व वर्तमान में मंत्री का दर्जा प्राप्त मप्र हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन आशुतोष तिवारी यूं तो भाजपाई राजनीतिक गलियारों में चाणक्य के नाम से जाने जाते रहे हैं कमलनाथ के पराभव की पटकथा के लेखन में अपनी महत्ती भूमिका निभाकर सत्ता के स्वाद चखने वाले तिवारी विगत वीते वर्ष से अधिक समय से मप्र के नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के निर्वाचन क्षेत्र लहार के प्रभारी की भूमिका में है लहार में भाजपा की वही स्तिथि है जैसे केंद्रीय राजनीति में कांग्रेस की लगातार सात बार डॉ गोविंद सिंह से मात खा चुकी भाजपा को लहार के किले को फतह करने के लिये मंथन की आवश्यकता है
लेकिन जब जब मंथन होता है तो चौदह रत्न से पहले गरल निकलता है इस गरल को क्या भाजपा के शिव (आशुतोष )पान कर पाएंगे ? यह बड़ा सवाल है
अभी तक लहार में महज औपचारिक रूप से कार्यकर्ता से मिलने की रस्म अदायगी करने के अलावा इस चाणक्य ने कोई खास उपलब्धि हासिल नही की है
अपनी जबरदस्त संगठन क्षमता व संवाद शैली के धनी आशुतोष तिवारी की रणनीति लहार के किले को ध्वस्त करने में क्या भूमिका निभाती है यह आने वाले समय के साथ सामने आएगा कहा तो यह जाता है कि वह आशुतोष तिवारी ही है जिनकी बजह से लहार में तमाम संगठन निष्ठ कार्यकर्ताओ को संगठन में दायित्व व सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिला है
लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि सनक सनंदन व सनत्कुमार की तप स्थली सेवढ़ा से मप्र विधान भवन पहुँचने की तपस्या अपने तिवारी जी भी कर रहे हैं जिसके चलते वह लहार में समय और राजनीतिक समझौतों में उलझकर रणनीति पर ध्यान देने से बच रहे हैं अब लहार और तिवारी जी का भविष्य क्या है यह तो समय के गर्त में छुपा है खैर अपने राम तो लहार और तिवारी जी दोनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं

2 टिप्पणियाँ
Guddu bhaiya
जवाब देंहटाएंजय हो
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