1 जनवरी के पश्चात कोई भी नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं करें...
कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने नजूल अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि 31 दिसम्बर तक नजूल अधिकारी अनापत्ति के समस्त प्रकरण आरसीएमएस पर दर्ज करायें। 1 जनवरी के पश्चात कोई भी नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं करें। आदेश में कहा है कि मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन नियम 2020 के अन्तर्गत नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में यह प्रावधानित किया गया है कि उप कंडिका (1) भूमि स्वामी हक में धारित अथवा सरकारी पट्टेदार के रूप् में धारित भूखण्ड पर निर्माण के पूर्व स्थानीय निकाय एवं नगर तथा ग्राम निवेष विभाग के अधिकारियों से तत्समय प्रभावशील विधि के उपबंधों के अन्तर्गत अनुमतियां प्राप्त करना आवश्यक होता है। ऐसी अनुमतियां जारी करने के पूर्व स्थानीय निकाय एवं नगर तथा ग्राम निवेष विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके द्वारा जारी की जाने वाली अनुमति के आधार पर किसी ऐसे भूखण्ड पर निर्माण न हो जाये जो वस्तुतः धारक द्वारा धारित न होकर राज्य शासन की दखल रहित या नजूल भूमि हो।
नजूल अधिकारी के द्वारा समस्त नजूल भूमि के विवरण संबंधित स्थानीय निकाय और नगर तथा ग्राम निवेष विभाग के अधिकारी को उपलब्ध कराये जायेंगे, ताकि वे उप कंडिका (1) में उल्लेखित अनुमतियां जारी करने के पूर्व आवश्यक संतुष्टि कर लें। नजूल अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह ऐसे विवरणों में हुये परिवर्तनों को स्थानीय निकाय और नगर तथा ग्राम निवेष विभाग के अधिकारियों के ध्यान में लावें तथा प्रतिवर्ष दिसम्बर माह में नजूल भूमि के अद्यतन विवरण उन्हें भिजवायें। उपरोक्त उपकण्डिका (2) अनुसार अपेक्षित विवरण स्थानीय निकाय और नगर तथा ग्राम निवेष को उपलब्ध कराये जाने के लिये अंतरिम व्यवस्था के रूप् में उपण्डिका (4) (5) और (6) में विहित प्रक्रिया के अनुसार नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किये जायेंगे। उसके उपरांत नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किये जायेंगे।
कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने उपरोक्त नियमों के परिप्रेक्ष्य में यह दिया है कि नजूल अधिकारी/नजूल तहसीलदार अपने क्षेत्रान्तर्गत समस्त नजूल भूमि के अद्यतन विवरण संबंधी स्थानीय निकाय और ग्राम तथा नगर निवेष के अधिकारियों को 31 दिसम्बर 2022 तक अनिवार्यतः उपलब्ध करायेंगे। नजूल अधिकारी/ नजूल तहसीलदार को 31 दिसम्बर 2022 तक समस्त नजूल भूमि का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराना आवश्यक होगा नजूल अनापत्ति के समस्त प्रकरण आर.सी.एम.एस. पर दर्ज किये जायेंगे। दिनांक 01 जनवरी 2023 के पश्चात कोई भी नजूल अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जावेगा तथा यह व्यवस्था उपर्युक्त नियमों के परिप्रेक्ष्य में सदैव के लिये समाप्त हो जावेगी 01 जनवरी 2023 के पश्चात यदि कोई भी नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जावेगा तो संबंधित अनुविभागीय अधिकारी/नजूल अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी और फिर भी कोई नजूल भूमि के संबंध में किसी विवरण की आवश्यकता हो तो संबंधित निकाय अनुविभागीय अधिकारी/नजूल अधिकारी से जानकारी प्राप्त करें। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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