देवानंद नायक @9713989417
भिण्ड जिले की मेहगांव विधानसभा सीट पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं सत्त्ता पार्टी से शिवराज कैबिनेट के राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया मैदान में है ,वहीं कांग्रेस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे दिवंगत सत्यदेव कटारे के पुत्र हेमन्त पर भरोसा जताया है कांग्रेस के टिकट की बात करें तो अंतिम समय तक राकेश सिंह चतुर्वेदी भारी पड़ते दिख रहे थे और क्षेत्रीय कांग्रेस के दिग्गज नेता कहलवाने वाले डॉ गोविंद सिंह अपने भांजे राहुल भदौरिया के लिये अंतिम समय तक पैरवी करते दिखे किन्तु कांग्रेस हाईकमान के भरोसे और टिकट की बाजी सत्यदेव कटारे के खून ने जीती और हेमन्त आखिर कांग्रेस प्रत्याशी बनकर मैदान में है
हेमन्त नही सत्यदेव कटारे की विरासत का चुनाव है
सत्ताधारी भाजपा भले ही पूरी ताकत से अपने प्रत्याशी राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया की जीत के लिये प्रयास करे और आश्वस्त भी दिखाई दे रही है किंतु यह महज हेमन्त कटारे का नही हेमन्त सत्यदेव कटारे का चुनाव है जिसमे सत्यदेव कटारे का नाम ही नही विरासत भी जुड़ी दिवंगत नेता सत्यदेव कटारे का मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में अच्छा खासा प्रभाव रहा है मेहगांव विधानसभा के कई दिग्गज कांग्रेसी सत्यदेव कटारे से जुड़े रहे हैं यह उनकी अग्नि परीक्षा है कि वह अपने दिवगंत नेता की विरासत को किस रुप में संजोते है एक तरफ सत्यदेव कटारे की विरासत है उनके संरक्षण में पनपी कांग्रेस की वह टीम है जिसने स्वर्गीय सत्यदेव कटारे को आजीवन अपना नेता माना है अब कितना दुलार अपने नेता पुत्र को देती है यह समय तय करेगा दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी है जिन्ह पर जातिवाद के आरोप क्षेत्रीयजन द्वारा लगाए जाते रहे हैं साथ ही रेतमाफियाओं की संरक्षण देने के भी आरोप भी लगे हैं
*हो सकता है दिलचस्प मुकाबला*
मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला बड़ा ही दिलचस्प हो सकता है एक तरफ ब्राह्मण धड़ा उपेक्षित महसूस कर रहा है जिले में उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व नही है ,कांग्रेस ने हेमन्त को टिकट देकर न सिर्फ सत्यदेव कटारे की विरासत को अपने साथ जोड़ने का मौका दिया बल्कि ब्राह्मण वोटर को अपने पाले में खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रही है हेमन्त नया चेहरा होने का लाभ और हानि दोनो उठाने पड़ सकते हैं
*रेतमाफ़ियाओं से नजदीकी ,जातिवाद के आरोप से दो चार होना पड़ेगा ओपीएस को*
राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया को सबसे ज्यादा अगर किसी बात का विरोध झेलना पड़ेगा तो वह जातिवाद के आरोपो का , साथ ही परिवार के कुछ सदस्यों पर बेलगाम होकर राजनीति करने के आरोप भी मतदाता लगा रहे हैं
रेतमाफ़ियाओं से नजदीकियां मंत्री जी के लिए मुसीबत बन सकती है मंत्री बनने के बाद क्षेत्र आगमन से लेकर कई मौकों पर रेतमाफ़िया उनके आसपास दिखाई देते रहे हैं रेत ठेकेदार आर्थिक ताकत तो दे सकते हैं पर वोट ठेकेदार बन कर वोट नही
रौन थाना क्षेत्र में एक ब्राह्मण किसान की जमीन पर जबरन मंत्री के रिश्तेदारों द्वारा रेत उत्खनन का मामला भी सामने आया था अगर ब्राह्मण लामबंद हुआ तो ये मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा
*यह है भाजपा का चुनावी गणित*
भाजपा के चुनावी गणित को , समझे तो भाजपा भदौरिया, राजपूत ,और कुशवाहा तथा नरवरिया (लोधी) वोटर पर मुख्य फोकस कर रही है इसलिए उसने कुशवाहा समाज के बड़े नेता डॉ राजकुमार की अपनी पार्टी में ऐंट्री करवा कर वोटर आपने पक्ष में करने का प्रयास किया है ,उमा भारती के नाम पर लोधी वोटर का लाभ लेने की रणनीति हैं राजपूत समाज के सबसे बड़े नेता रसाल सिंह और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को भी वह चुनाव प्रचार में उतार कर राजपूत वोटर साधने की तैयारी में है भदौरिया प्रत्याशी के सजातीय वोटर है साथ ही भाजपा के मेहगांव में केपी सिंह भदौरिया जैसे नेता भी है जो क्षेत्र में काफी प्रभाव रखते हैं

0 टिप्पणियाँ