प्रधानमंत्री का आवाहन और दीप प्रज्वलन का महत्व



देवानंद नायक @9713989417

आज समूचे विश्व मे कोरोना एक महामारी का भयंकर रूप धारण कर चुकी है हमारे देश मे सरकार व नागरिक इस महामारी से लड़ने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भी नागरिकों को प्रेरित करने व सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं जनता कर्फ्यू के सफलता के बाद देश मे लॉक डाउन भी काफी हद सफलता पूर्वक चल ही रहा था कि दिल्ली में निजामुद्दीन जमात प्रकरण ने देश मे कोरोना मामलों में तेजी से बृद्धि की है एक दैनिक अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जमात के कारण या उससे जुड़े छह सौ से आधिक कोरेना पॉजिटिव लोग सामने आए हैं 

 देश के माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने 5 अप्रेल को रात्रि 9 बजे 9 मिनट का प्रकाश पर्व या यूं कहें दीप प्रज्वलन का आव्हान किया है इसे लेकर कई लोग सवाल भी उठा रहे हैं  उन लोगो को इसका महत्त्व व आवश्यकता को समझना चाहिए यह कोई मात्र ढकोसला नही है इसका अपना आध्यात्मिक व वैज्ञानिक आधार व महत्व है

निगेटिव ऊर्जा व वायरस होते हैं नष्ट

पूजा के समय दीपक जलाने का बड़ा महत्‍व है वहीं कई धर्म में मोमबत्‍तियां जलाई जाती हैं। वैज्ञानिक नजरिए से प्रकाश का अपना अलग महत्‍व है। रोशनी में गर्मी तो होती ही है साथ ही यह निगेटिव चीजों को नष्‍ट भी करता है जैसे बैक्‍टीरिया, वायरस आदि।

सनातन धर्म सहित कई धर्मो में है धार्मिक महत्व

दीये जलाने को सनातन धर्म में काफी महत्‍वपूर्ण माना गया है। सकारात्‍मक तौर पर इस कार्य को लेते हुए इसका अर्थ जीवन को प्रकाशित करने से जोड़ा गया है। यह भी मानना है कि दीपक दुख, दारिद्रय और दुर्भाग्य को दूर करता है। शास्त्रों में भी दीया जलाने को महत्‍व दिया गया है। रोशनी को रक्षा कवच के तौर पर लिया जाता है जिससे सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में निरंतरता रहती है

अमेरिका के मिशिगन में भी हुआ कुछ ऐसा

अमेरिका के बेवर्ली हिल्‍स (Beverly Hills) में 31 मार्च 2020 को दक्षिण पूर्व मिशिगन (Michigan) में कोरोना वायरस बीमारी से जंग लड़ रहे स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के प्रति लोगों ने समर्थन का इजहार किया। इसके लिए सपोर्ट दिखाते हुए लोगों ने अपने घर के करीब स्‍थित अस्‍पतालों की ओर फ्लैशलाइट जलाई।


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