सोशल डिस्टेंटिंग : तन से दूरी बनाएं मन से नही



✒️देवानन्द नायक @9713989417 

 दुनिया इन दिनों कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ रही है हमारे देश में भी कोरोना से लड़ने और उस पर विजय पाने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे है  सरकार द्वारा एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है देश मे तालाबंदी (लॉक डाउन) चल रहा है फिर भी कई मामले सामने आ रहे हैं और मरने वालों की संख्या भी एक सैकड़ा के करीब पहुंच चुकी है देश का मेडिकल सिस्टम ,सभी कर्मचारी व पुलिस और प्रशासन व मीडिया बड़ी शिद्दत से कार्य मे लगे हुए हैं  सरकार द्वारा बार बार सोशल डिस्टेंटिंग के बारे में कहा जा रहा है यह जरूरी भी हैं क्योंकि कोरोना एक संक्रामक बीमारी है जिससे बचने के लिए  दूरी भी आवश्यक है किंतु यह दूरी तन से ही न कि मन से  आज देश मे कई जगह देखने को मिल रहा है कि सोशल डिस्टेंटिंग के नाम पर किरायेदारों को घर से बेदखल कर दिया गया है , गरीब ,मजदूर व किसानों की सहायता केवल इस डर से नही की जारही है कहीं यह संक्रमित व्यक्ति तो नही है और ऊपर से यह सोशल डिस्टेंटिंग का बहाना 
यह जरूरी की लॉक डाउन का पालन करें किन्तु मानवता का भी ख्याल रखें आप सक्षम है और आपके पड़ोस में कोई भूख से पीड़ित हो तो यह आपकी सक्षमता पर सवालिया निशान लगता है  चाहे पीड़ित मानव हो या पशु पक्षियों में कोई हो  हमे तन से दूरी बनानी है मन से नही
हम मानव हैं इसलिये मानवता भी दिखनी जरूरी है राजनीति और श्रेय लेने की होड़ फिर कभी आज मुसीबत के समय में किसी असहाय व्यक्ति का मजाक न बनाये किसी की भोजन या अन्य सहायता प्रदान करते वक्त फ़ोटो न ले यदि यह आवश्यक है तो कम से कम उस व्यक्ति के चहरे को सार्वजनिक न करें क्योंकि इस   बजह से कई खुद्दार लोग सहायता लेने से कतराते हैं
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार व लेखक हैं)

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