गिरफ्तारी से बचने के लिए बालाघाट आया था लवलेश
बांदा में कुछ स्थानीय लोगों से पता चला कि खुद पर दर्ज मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने 5-6 दोस्तों के साथ अप्रैल 2021 में मध्यप्रदेश के बालाघाट आ गया था। उसने अपनी फेसबुक आईडी महाराज लवलेश तिवारी (चुचु) नाम से बनाई और रेत खदानों से जुड़ी कुछ पोस्ट भी की। इन पोस्ट्स में वो खुद को रेत माफिया बताता था। इसी नाम से उसकी एक नहीं तीन से चार आईडी हैं। एक आईडी प्राइवेसी सेटिंग के तहत ब्लॉक है।
बालाघाट का रेत कारोबारी और लवलेश दोनों बांदा के
बालाघाट के सबसे बड़े रेत कारोबारी राजेश पाठक कहा कि लवलेश तिवारी से मेरी कभी कोई मुलाकात नहीं हुई। कभी फोन पर भी बात नहीं हुई। मैं उसको नहीं जानता। बालाघाट में रेत कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति के साथ उसका कोई संपर्क नहीं रहा है। सब फर्जी खबरें चल रही हैं। वो यहां घूमने आया होगा। देवी मंदिर में फोटो डाली हैं। घूमने के लिए 10-12 दिन के लिए आया होगा, इसलिए इस तरह की खबरें बन रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझे बांदा छोड़े 30 साल हो गए। अब बांदा मेरे लिए परदेश है। लोग बता रहे हैं 2 साल पहले वो यहां रहा है। अभी 22 साल का है तब 20 साल का रहा होगा। 20 साल के लड़के से मेरी क्या जान पहचान होगी। मैं उसको नहीं जानता। ये संबंध जोड़ना गलत है।
भाई बोला- हमसे कोई मतलब नहीं
भाई वेद तिवारी ने कहा, ‘लवलेश बड़े भाई हैं। उनसे कोई मतलब नहीं है। वह एक हफ्ते पहले बांदा आए थे। पहले एक हिंदू संगठन में काम करते थे, लेकिन 6 साल पहले सदस्यता छोड़ दी थी। इस समय कोई भी काम नहीं करते। मैं ग्रेजुएशन सेकंड ईयर का छात्र हूं। इसलिए अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहता हूं।’ पुलिस ने बताया कि लवलेश पर 3 मामले दर्ज हैं। दो केस बांदा कोतवाली और एक केस बांदा की ही चिल्ला कोतवाली में दर्ज है।
लवलेश तिवारी खुद को बजरंग दल से जुड़ा बताता रहा
लवलेश के पिता यज्ञ तिवारी मूलरूप से चिल्ला थाना के लौमर गांव के रहने वाले हैं। वह क्योटरा मोहल्ले में अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह के मकान में करीब सात साल से रह रहे हैं और स्कूल बस चलाते हैं। यज्ञ तिवारी के चार बेटों में बड़ा बेटा रोहित साधु वेश धारण कर कहीं चला गया। दूसरे नंबर का मोहित परिवार के साथ अलग रहता है। लवलेश से छोटा वेद बीटेक कर रहा है। घर की माली हालत बेहद कमजोर है। वेद ने बताया कि इंटर पास होने के बाद लवलेश ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीए में प्रवेश लिया था। लवलेश की फेसबुक आईडी में जिला सह सुरक्षा प्रमुख बजरंग दल लिखा है। बजरंग दल जिलाध्यक्ष अंकित पांडेय का कहना है कि लवलेश हमारे संगठन का पदाधिकारी, कार्यकर्ता व सदस्य नहीं है।
Credit : news mail today

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