*ब्रह्माकुमारी आश्रम टुटने के विरोध में अनशन पर पुर्व दस्यु पंचम सिंह नहीं पहुंचा कोई अधिकारी*
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भिंड -जिले के लहार नगर में नगरपालिका द्वारा अवैध तरीके से ब्रह्माकुमारी आश्रम को तोडने का दिया गया अल्टीमेटम भले ही प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय वनकर मिडीया की सुर्खियां वना चुका है लेकिन भिंड जिला प्रशासन इस मामले में अपनी आंखें बंद कर बेठा है दुसरी ओर ब्रह्म कुमारी आश्रम साखा लहार के संचालक पुर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह भी अनशन कर सरकार से साहयता की गुहार लगा रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का का ध्यान अभी तक पंचम सिंह की ओर नहीं गया सन 1970 के दशक में अपनी बंदूक की गर्ज से भारत सरकार को भी हिला देने वाले पुर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह ने बाबा विनोबा भावे लोकनायक जयप्रकाश नारायण गांधी वादी विचारक डॉ सुब्बाराव की पहल पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा जिला मुरैना में सन् 1672 में अपने 556 वागी साथीयों सहित आत्मसमर्पण किया था भारत सरकार ने सभी समर्पण कारी दस्युओ की परीवार सहित हर तरह की मदत करने 30 वीघा जमीन देने का वचन दिया था लेकिन उसी शासन प्रशासन द्वारा पिछले कई वर्षों से पंचम सिंह को परेशान किया जा रहा है और लहार नगरपरिषद उनके गीता पाठशाला आश्रम को तोड़ने एवं शासन से मिली जमीन पर कब्जा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अंधेरे में रख कर कार्यवाही करतीं रहती है अव नगरपालिका लहार ने गैर कानूनी तरीके से पंचम सिंह चौहान को ब्रह्मकुमारी आश्रम को हटाने का नोटिस देकर वल पुर्वक आश्रम तोड़ने की धमकी दे डाली नगरपरिषद उपाध्यक्ष नरेश सिंह चौहान एवं नगरपरिषद सी.एम.ओ महेश पुरोहित द्वारा सार्वजनिक रूप से आश्रम तोड़ने की दी गई धमकी से पंचमसिह को आघात लगा और पंचम सिंह ने अन्न त्याग कर अनशन शुरू कर दिया पंचम सिंह लगातार मिडीया के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं लेकिन प्रशासन के कानों में अभी जुं तक नहीं रेंगी नहीं किसी प्रशासनीक अधीकारी ने पंचम सिंह से संपर्क करना उचित समझा सुत्रो की माने तो एक कद्दावर नेता के संरक्षण में लहार नगरपरिषद की दवांगाई सब पर भारी पड़ रही है और स्थानीय प्रशासन वौना पडता नज़र आ रहा है
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