मप्र में राजस्व के बड़े सोर्स , बंद पड़े मंडी नाकों पर नही सरकार की नजर

  • **मप्र में राजस्व के बड़े सोर्स , बंद पड़े मंडी नाकों पर  नही सरकार  की नजर

  • *बोर्ड की उपाध्यक्ष मंजू दादू ने कराया था ध्यानाकर्षण*


📝देवानंद नायक / जितेंद्र यादव

भोपाल : राजस्व की कमी लगातार  जूझते मप्र राज्य में  राजस्व का बड़ा जरिया रहे मंडी जांच नाके लम्बे समय से बंद पड़े हैं जिससे सरकार को लगातार राजस्व का घाटा हो रहा है गौरतलब है कि इन चैक पोस्ट के बंद होने मंडी समिति के कर्मचारियों की स्तिथि भी खराब हुई बोर्ड पर बजट की कमी है जिससे कर्मचारियों को वेतन देने में भी कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है  यहाँ बता दे कि मप्र में 259 कृषि उपज मंडीयो के अंतरराज्यीय मंडियों के बीच करीब 52 - 53 जांच नाके मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड  द्वारा संचालित किए जाते थे जोकि राजस्व का बड़ा साधन थे 26 जून 2020 से यह सभी नाके बोर्ड द्वारा बंद कर गए है तब से राजस्व का लगातार घाटा हो रहा है  इन जांच नाकों को पुनः संचालित करने हेतु बोर्ड की उपाध्यक्ष सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू द्वारा पत्र लिखकर  सरकार को ये मामला ध्यानाकर्षण करवाया था   
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मंजू दादू के पत्र के अनुसार प्रदेश
की 80 - 90 मंडियों की आय कम होने की बजह से वहाँ पदस्थ सी व डी क्लास मंडियों में कर्मचारियों को वेतन देने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है क्योंकि इन मंडियों की  आय में मंडी चेक पोस्ट का बड़ा योगदान था यदि मंडी नाके पुनः संचालित किए जाएं तो निश्चित तौर राजस्व की बढोत्तरी होगी मंडी चेक पोस्ट संचालित होने से मंडी समितियों की स्थिति सुदृढ़ होगी एवं 24 घंटे मंडी कर्मचारियों की निगरानी अंतर राज्य बॉर्डर पर रहेगी जिससे कर अपबंचन पर रोक लगेगी , मंडी टैक्स में बढ़ोतरी होगी अवैध परिवहन कर रहे वाहनों पर 5 गुना की कार्रवाई होगी जिससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी कई सी क्लास की मंडी ऐसी है जिनमें कर्मचारियों को वेतन तक सही समय पर नहीं मिल पाता है मंडी चेकपोस्ट पुनः संचालित होने से मंडी बोर्ड की स्थिति सुदृण एवम मजबूत होगी

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