दरअसल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा एस ए एम एस यानी स्ट्रेटजिक मैंनेजमेंट सिस्टम कंपनी को भर्ती परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह परीक्षा ऑनलाइन आयोजित होनी थी। मंगलवार सुबह ग्वालियर में सुबह की पाली में परीक्षा आयोजित हो गई, दोपहर में इसकी दूसरी पाली थी। इसी बीच पेपर लीक हो गया और ग्वालियर की क्राइम ब्रांच ने 8 आरोपियों को पकड़ लिया। इन लोगों ने पर्चा करवाया था और परीक्षार्थियों को टेकनपुर में प्रश्न पत्र हल करवाने की प्रैक्टिस करा रहे थे। इसी दौरान इन्हें पकड़ लिया गया। इन लोगों ने 1500000 रुपए में एक परीक्षार्थी से पेपर का सौदा किया था, कुछ रुपए एडवांस भी ले लिए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद फुल पेमेंट होनी थी। लेकिन इससे पहले ही यह लोग पकड़े गए। इस मामले के सरगना पुष्कर पांडे ने पूछताछ में खुलासा किया कि जिस कंपनी को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी थी, उसी कंपनी के कर्मचारी सेवा संपर्क में था। इस कंपनी के कर्मचारी से 3:30 करोड़ रुपए में पेपर की डील हुई थी। उसी ने पेपर दिया है। अप पुलिस उस कर्मचारी की घेराबंदी में लग गई है। साथ ही एजेंसी के बारे में शासन को भी सूचना दी जा रही है।

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