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*अंतराष्ट्रीय संस्था ब्रह्माकुमारी के स्टार प्रचारक एवं साखा लहार के संचालक पुर्व दस्यु सम्राट ने दी प्राण त्याग ने की चेतावनी*
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भिंड- जिले के लहार नगर में मुख्य वजार में मेन रोड़ पर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी गीता पाठशाला का सेवा केन्द्र वना हुआ है जिसका निर्माण चम्बल के कुख्यात वागी दस्यु सम्राट पंचम सिंह ने करवाया था तीन मंजिला उक्त भवन को विधीवत रुप से पंचम सिंह ने ब्रह्माकुमारी संस्था की तात्कालिन संचालक दादी प्रकाश मणी जी - मुख्यालय मांउट आबू राजस्थान के नाम दानपत्र किया था और संस्था ने संचालक के रुप में पंचम सिंह को नियुक्त किया था उक्त गीता पाठशाला में लगभग विगत 50 बर्षो से नियमित सत्संग हो रहा है इसी ब्रह्माकुमारी आश्रम के पीछे नगरपरिषद लहार ने कोम्प्लेक्स का निर्माण करवाया है कोम्प्लेक्स को मेन रोड के फ्रंट से जोड़ने के लिए नगरपरिषद लहार कोम्प्लेक्स के आगे वने ब्रह्माकुमारी आश्रम एवं नगरपरिषद की दर्जनों दुकानें हटाने की कार्यवाही कर रही है और इस संबंध में नगरपरिषद ने पुर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह सहित समस्त दुकान संचालकों को नोटिस भी जारी कर दिये हैं ब्रह्माकुमारी आश्रम लहार के संचालक पुर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह चौहान ने शासन प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मेरे जीवत रहते मेरे धार्मिक स्थल गीता भवन को तोडा गया तो मे आमरण अनशन करके प्राण त्याग दुंगा अव देखते हैं कि नगरपरिषद लहार पंचम सिंह के धार्मिक स्थल गीता पाठशला को तोड़ती है य पंचम सिंह के जीवन और गीता पाठशाला धर्म स्थल पर सत्संग करने वालो की आस्था का ध्यान रखती है यदि लहार नगरपरिषद ने ब्रह्म कुमारी आश्रम तोड दिया तो शासन प्रशासन के द्वारा ब्रह्माकुमारी आश्रम धराशाई करने का यह विशव का पहला मामला होगा
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*कौन हैं पंचम सिंह चौहान*
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सन 70के दसक में अपनी बंदुक की गरज से चम्बल घाटी में आतंक का कहर वरपाने वाले सेकडो की संख्या वाले डाकु दल के सरदार 100 हत्या के आरोप सहित अनेकों अपहरण डकेती हत्या के प्रयास आदि की वारदातों को अंजाम देने वाले पुर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह पर सरकार ने लाखो रुपए का इनाम घोषित कर दिया था गांधीवादी विचारक प्रख्यात समाजसेवी डॉ एस.एन.सुब्बाराव की पहल पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा जिला मुरैना में सन् 1972 में पंचम सिंह ने अपने 555 डाकु साथियों सहित आत्मसमर्पण किया था सरकार ने पंचम सिंह को खुली जेल मुंगावली में रखा था जेल में चलने वाले ब्रह्माकुमारी आश्रम के सत्संग से जुडकर पंचम सिंह ब्रह्मकुमारी संस्था के सदस्य वन गये और जेल से निकलकर पंचम सिंह ने अपनी लगभग 5 करोड की संपत्ति ब्रह्माकुमारी संस्था को दान कर दी और देश विदेशो में जाकर संस्था का प्रचार किया


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