जैसा कि अवगत है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा स्तरीय चुनाव से पहले यह माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार का कैबिनेट विस्तार लगभय तय है। मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा है कि प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली से वापस लौटते ही इसे अंजाम दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी अरविंद शर्मा और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए जितिन प्रसाद को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा ब्राह्मण वोट साधने के लिए महेंद्र नाथ पांडेय और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए जितिन प्रसाद को भी मंत्रालय सौंपा जा सकता है। यूपी में चार एमएलसी सीटें खाली हो रही हैं, इन पर भी चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में चर्चा है कि जितिन प्रसाद को इसके लिए दावेदार बनाया जा सकता है।
प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली जाने से पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल के साथ बुधवार की देर शाम एक बैठक की थी। भाजपा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर थे। तथा वह शाम को ही लखनऊ लौटे थे। वहीं महामंत्री संगठन सुनील बंसल अपने पूर्वांचल के दौरे पर थे। वाराणसी से लौटने के बाद शाम सात बजे के बाद दोनों प्रमुख नेता मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। वहां उनकी प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई। हालांकि जानकारी यह मिली थी कि इस बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्षों के उम्मीदवारों के नामों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंथन किया गया। साथ ही ब्लाक प्रमुखों के उम्मीदवारों पर भी चर्चा हुई। फिलहाल उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गलियारों में हलचल और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया चेहरा मंत्रिमंडल में शामिल होगा या कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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