देवर्षि नारद जी की जयंती पर हुआ पत्रकारों का सम्मान


साकांक्ष न्यूज़

लहार :स्वर्गीय श्री दयाराम त्रिपाठी (महते) शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति द्रारा संचालित मनीष विद्यापीठ स्कूल पुरानी गल्ला मण्डी लहार में आज दिनाँक 28/05/2021 दिन शुक्रवार को सांय 6 बजे पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन कोरोना नियमानुसार किया गया। 
आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय महेश जी महते संरक्षक मनीष विद्यापीठ , मुख्य अतिथि माननीय सुरेश जी गुप्ता  विशेष अतिथि के रूप में विकास जी दुबे (श्यामपुरा) और विशेष अतिथि के रूप में उत्तम चौधरी जी (सोशल मीडिया) रहे।
मंच का संचालन विद्यालय प्रबन्धन समिति के सचिव एडवोकेट सुमित त्रिपाठी के द्रारा किया गया।

प्रारम्भ में कार्यक्रम के अध्यक्ष एवम अतिथियों के द्रारा देवर्षि नारद जी एवम वीणा दायनी माँ सरस्वती के चित्त पर माल्यार्पण एवम दीप प्रजुलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।
 नगर लहार के गणमान्य पत्रकारों के द्रारा भी एक एक कर पुष्प अर्पित किये गये।
इसके बाद उद्बोधन में पत्रकारों की ओर से देवानन्द नायक एवम उत्तम चौधरी के द्रारा देवर्षि नारद जी के जीवन पर प्रकाश डाला बताया कि 
हिंदी पंचांग के अनुसार, साल के तीसरे महिने ज्येष्ठ के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को नारद जयंती मनाई जाती है। आज के दिन देव ऋषि और भगवान विष्णु के अनन्य भक्त नारद जी की पूजा-अर्चना की जाती है। 
नारद जी को विश्व का प्रथम पत्रकार भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि समस्त ब्रह्मांड में घूमते हुए, तीनों लोकों की खबरें इधर-उधर पहुंचाने का काम उन्हीं ने शुरू किया था। नारद जी को तीनों लोकों में वायु मार्ग के द्वारा आने जाने का वरदान प्राप्त था। 

अंत मे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महेश जी महते  ने नारद जी जन्म के बारे में बताया कि चिरकाल में एक बार गंधर्व और अप्सराएं भगवान ब्रह्मा जी की उपासना कर रहे थे। उस समय गंधर्व 'उपबर्हण' (नारद जी जो पूर्व जन्म में गंधर्व थे) अप्सराओं के साथ श्रृंगार भाव में उपस्थित हुए। यह देखकर भगवान ब्रह्मा जी क्रोधित हो उठे और 'उपबर्हण' को शूद्र योनि में जन्म लेने का शाप दिया। ब्रह्मा जी के शाप फलस्वरूप नारद का जन्म 'शूद्रा दासी' के घर पर हुआ। इसके बाद उन्होंने प्रभु की भक्ति आराधना की तो उन्हें ईश्वर के एक दिन दर्शन हुए। इससे उनके मन में ईश्वर और सत्य को जानने की लालसा और भी बढ़ गई। इसी समय आकाशवाणी हुई कि- 'हे बालक, इस जन्म में अब तुम मेरे दर्शन नहीं कर पाओगे। अगले जन्म में तुम मेरे पार्षद होंगे।' इसके बाद देवर्षि नारद जी ने भगवान श्रीहरि विष्णु की कठिन तपस्या की, जिसके फलस्वरूप वह कालांतर में ब्रम्हा जी के मानस पुत्र के रूप में फिर अवतरित हुए।

पत्रकार सम्मान समारोह कार्यक्रम का संचालन कर रहे सुमित त्रिपाठी ने बताया कि आज के समय मे पत्रकारों को देश का चौथा स्तम्भ कहा जाता हैं एवम जो वे कहते या लिखते हैं उसी को सच मानकर सभी लोग आचरण करने लगते हैं इसलिए हमें सत्य एवम निष्पक्ष पत्रिकारिता करनी चाहिए। 

कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित सभी पत्रकार जिसमे राजू त्रिपाठी जी लहार संबाददाता पत्रिका अखबार, नितिन त्रिपाठी जी लहार संबाददाता दैनिक भास्कर, विवेक दुबे जी लहार  संबाददाता नईदुनिया , राजू मूढोतिया जी लहार संबाददाता बंसल न्यूज़,  ज्ञानसिंह जी लहार संबाददाता समय जगत एवम न्यूज़ वर्ल्ड चैनल , देवानन्द नायक जी लहार संबाददाता साकांक्ष पाक्षिक समाचार पत्र , आदि सभी सम्मानीय पत्रकार बंधुओं का सम्मान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अतिथियों के द्रारा श्री फल एवम उपहार देकर किया गया।

अंत मे सभी पत्रकार बंधुओं के द्रारा स्वल्पाहार की व्यवस्था भी विद्यालय प्रवंधन के द्रारा करवाई गई थी।

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