धृतराष्ट्र प्रशासन की गांधारी बने सीसीटीवी कैमरे ,नही दिखता अवैध रेत परिवहन
साकांक्ष न्यूज़
भिण्ड : जिले के लगभग तीन दशक से अधिक समय से रेत खनन का कारोबार अवैध रूप से होता रहा है किंतु पिछले एक दशक में जिस तरह सम्पूर्ण प्रदेश सहित भिण्ड जिले में रेत का रिकार्ड तोड़ अवैध खनन व परिवहन हुआ है जिसमे कभी खाकी ,कभी खादी का नाम रेतमाफ़ियाओ से जुड़ता रहा है किंतु जब सत्ता अधिष्ठान किसी एक इशारे पर कार्य करते हैं तब सत्य का अन्वेषण थोड़ा मुश्किल होता है या यूं कहें सत्य को सामने लाया नही जाता है रेतमाफ़ियाओ को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और इन सवालों के घेरे कभी ब्यूरोक्रेसी रही तो कभी कलमकार प्रशासन तो धृतराष्ट्र की भांति अब रेत खनन मामले में नेत्रहीन बना बैठा है किंतु भिण्ड जिले के लहार क्षेत्र में जहां जिले में मेहगांव के बाद सर्वाधिक रेत खनन होता रहा है वहां नगर पालिका परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे धृतराष्ट्र प्रशासन की गांधारी बन चुके हैं नगर में प्रतिदिन होते अवैध रेत परिवहन इन कैमरों में नजर नही आता या यूं कहें कि कैमरे के केवल शोपीस बन कर रह गए हैं सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग प्रतिदिन लहार नगर में बीस से तीस ट्रॉली रेत खपाई जाती है जिसका बाजार मूल्य लगभग अस्सी हजार से एक लाख रुपए तक होता जब एक नगर का आंकड़ा इतना है तो सम्पूर्ण जिले में कितनी रेत को अवैध रूप से खपाया जाता है जिससे राजस्व की क्षति होती है साथ ही बेलगाम गति से दौड़ते माफियाओं के वाहन दुर्घटनाओं को आमंत्रित करने का कार्य हर वक्त करते रहते हैं लहार नगर में लगे सीसीटीवी कैमरों के कर यदि प्रशासन चाहता तो इन पर लगाम कसने का कार्य कर सकता था किंतु प्रशासन के द्वारा इन पर कार्यवाही न करना सन्देहास्पद स्तिथि निर्मित करता है

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