नारोल किसान खरीदी केंद्र पर किसानों के साथ की जा रही जम कर ठगी




*रामनाम की लूट है लूट सके तो लूट भाजपा राज्य में सबको मिल गयी छूट*


भिण्ड। दबोह नगर के हायर सेकेंडरी विद्यालय के मैदान पर बना नरोल किसान खरीदी केंद्र पर किसानों के साथ जमकर ठगी की जा रही है आलम यह है कि पचास किलो छः सौ ग्राम की जगह कभी इक्यावन की तो कभी इक्यावन किलो चार सौ ग्राम की तोल की जा रही है सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मजदूरों के नाम पर लेबर चार्ज के रूप में किसानों के अनाज में से पंद्रह से बीस किलो अनाज अलग से निकाल लिया जाता है इतना ही नही जब किसी किसान के द्वारा इस बात पर पूछ ताछ की जाती है तो उसको तुलाई के लिए इंतजार करने के लिए बोल दिया जाता है ओर यदि आपको जल्दी तुलबान है तो 20 रुपया प्रति बोरा किसानों से लिया जाता हैं जबकि शासन ने किसानों की फसल को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया गया है और उन्हें तारीख भी दी गई थी पर तुलाई केंद्रों पर भृष्टाचार के चलते सभी नियम ताक पर रख दिये गये हैं। और किसान तीन से चार दिन से इंतजार कर रहा किसान इंतजार सूची में जाने के डर से किसी से कुछ बोलने को तैयार नही है जब कोई अधिकारी यहाँ देखने के लिए पहुँचता है तो दस से पंद्रह मिनट के लिए तुलाई बंद कर दी जाती है इस खरीदी केंद्र पर भ्रष्टाचार की बात करे दो न तो यहा किसानों के बैठने के लिए न तो किसी छाव की व्यवस्था है,न ही जलपान की और तो और यहाँ तक की यहाँ पर रेट सूची भी नही लगाई गई है वही कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बचाव के लिए शासन द्वारा जो प्रोटोकॉल चलाये जा रहे उनका तो यहाँ पर कही से कही तक पालन नही किया जा रहा है।

*एसडीएम ने भी निरीक्षण के दौरान जल्द से जल्द तुलाई कराने पर ही दिया ध्यान*

लहार एसडीएम आर ए प्रजापति बुधवार की शाम जब इस खरीदी केंद्र पर निरीक्षण के लिए पहुँचे तो लेवर के द्वारा उनके सामने हाल फिलहाल में तुलाई बंद कर दूसरे कामो पर ध्यान दिया जाने लगा वही एसडीएम महोदय के भी द्वारा खरीदी केंद्र संचालक से सिर्फ और सिर्फ तुलाई के लिए वारदाने के विषय पर बात करते हुए उसकी पूर्ति कराने की बात की गई जब मीडिया कर्मियों के द्वारा एसडीएम महोदय से खरीदी केंद्र पर चल रहे भ्रष्टाचार की बात की गई तो एसडीएम महोदय ने कहा कि फिलहाल हमारे द्वारा जल्द से जल्द तुलाई कराने पर ध्यान दिया जा रहा है हमारा उद्देश्य यह है कि जितनी जल्दी हो सके किसानों को उतनी जल्दी फ्री कर दिया जाए जिससे बारिश से किसानों का अनाज भी खराब न हो यदि वाकई में किसानों के साथ कोई ठगी की जा रही है तो मेरे द्वारा तुलाई के बाद जाँच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
*आखिर कार जाता कहाँ है किसानों का बीस किलो अनाज?*
एक ओर जहाँ प्रदेश सरकार किसानों के लिए खेती को लाभ का धंधा बनाने में लगी हुई हैं तो वही दूसरी ओर दबोह में नरोल किसान खरीदी केंद्र पर किसानों को सरेआम लुटा जा रहा है पर इन किसानों के लिए न तो कोई अधिकारी बोल रहा है और न ही कोई सत्तापक्ष का नेता बोलने को तैयार है दबोह में नरोल सोसायटी के नाम से संचालित किसान खरीदी केन्द्र पर किसानों से तुलाई के दौरान एवं लेबर चार्ज के नाम पर ठगा हुआ पन्द्रह से बीस किलो अनाज आखिर कार जाता कहा है इतना सब कुछ होने के बाद भी सम्पूर्ण मामले में किसी भी प्रकार की जाँच न होना  एवं अधिकारियों का उदासीन रवैया रहना कर्मचारियों एवं अधिकारियों को संदेह के घेरे खड़ा करता है ऐसी स्तिथि में तो सिर्फ यही कहना मुनासिब होंगा कि राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट भाजपा के राज्य में सबको मिल गयी छूट।

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