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कोरोना के सामने घुटने टेके बैठे विश्व गुरु भारत की इमदाद के लिए दुनिया के तमाम छोटे-बड़े देश सहयोग का हाथ बढ़ा रहे हैं. इमदाद की पेशकश करने वाले देशों मने बेहद छोटे वे देश भी हैं जिनके लिए हमने अनेक अवसरों पर पीठ दिखाई लेकिन इन छोटे देशों का दिल सचमुच बड़ा निकला.इन देशों ने पुरानी बातें भूलकर भारत के साथ सहयोग का हाथ बढ़ाया है .
भारत के प्रमुख चार महानगरों में से किसी एक से भी छोटे भूटान ने तक भारत को ऑक्सीजन देने की पेशकश की है. सिंगापुर और भी छोटा देश है लेकिन संकट के इस समय में भारत की मदद करने के लिए तैयार है.सिंगापुर ने भारत के लिए 500 बाईपैप, 250 ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर और दूसरी मेडिकल सप्लाई भेजी हैं.सभी ज़रूरी सप्लाई की पहली खेप लेकर एक विमान सिंगापुर से चांगी हवाईअड्डे से रविवार रात मुंबई पहुंचा. और तो और कोरोना के जनक चीन ने भी भारत की मदद करने की इच्छा जताई है .
सबसे पहले चीन की बात करें तो महामारी के इस मुश्किल वक्त में चीन ने दिल्ली के लिए हॉन्ग कॉन्ग से 800 ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर भेजे गए हैं और आने वाले सात दिनों में और दस हज़ार ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर भारत भेजने की जा रही है.चीनी दूतावास के हवाले से ये जानकारी सामने आयी है. फ़्रांस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि महामारी से लड़ रहे भारत के लिए वो आने वाले दिनों में ऑक्सीजन वेंटिलेटर भेजेगा.इससे पहले यूरोपीय कमीशन ने कहा था कि भारत के मदद की गुज़ारिश मिलने के बाद जल्द से जल्द ज़रूरी दवाएं और मेडिकल सप्लाई भारत भेजने की तैयारी कर रहा है.
कोई दो सौ साल भारत पर राज्य करने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उनकी सरकार भारत सरकार के साथ मिल कर काम कर रही है और कोरोना से लड़ने के लिए ब्रिटेन ने 300 से अधिक ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर समेत 600 मेडिकल डिवाइस भारत भेज रहा है.इस तरह दवाओं और मेडिकल सामान की कुल नौ खेप भारत के लिए भेजी जा रही है, जिसकी पहली खेप शीघ्र ही दिल्ली पहुंचेगी
ब्रिट्रेन की ही तरह जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने रविवार को भारत में कोरोना की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि उनकी सरकार भारत की मदद के लिए आपातकालीन मदद की व्यवस्था में जुटी है.जर्मनी भारत के लिए मोबाइल ऑक्सीजन जेनेरेटर और अन्य मेडिकल सप्लाई भेजने की तैयारी में है.
जिस इस्लाम का हौवा दिखाकर भारत में सत्ता हथियाने का अभियान चलाया जा रहा है उसी इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात ने भारत की मदद के लिए हाई कैपासिटी क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर भेजे हैं.यूएई के विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ायेद ने कहा कि कोरोना के मामलों में आए अचानक उछाल से जूझ रहे भारत की हरसंभव मदद करने और उसका साथ देने के लिए यूएई प्रतिबद्ध है.
सऊदी अरब ने कहा है कि वो भारत की आपातकालीन ज़रूरत के लिए चार क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर और 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन भेजने वाला है.सऊदी गैजेट के अनुसार अडाणी ग्रूप और लिंडे कंपनी के सहयोग से ये ऑक्सीजन भारत लाई जा रही है. इसके अलावा लिंडे कंपनी ने 5000 ऑक्सीजन सिलेंडर भी भारत के लिए देगी जिसे भी जल्द से जल्द भारत के अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा.अडाणी ग्रूप के चेयरमैन गोतम अडाणी ने कहा है कि 12 और क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर भारत भेजे जाने के लिए तैयार हैं जिनमें से छह को सोमवार को एयरलिफ्ट कराया जाएगा.
.दो दिन पहले भारत को ठेंगा दिखने वाले अमरीका का दिल भी अचानक बदल गया है. अमेरिका ने कहा है कि वो कोविशील्ड वैक्सीन के उत्पादन के लिए भारत को ज़रूरी कच्चे माल की आपूर्ति करेगी ताकि वैक्सीन के उत्पादन के काम में तेज़ी लाई जा सके.अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका भारत की मदद करने को लेकर दृढ़-संकल्प है.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है किबीते सात दशकों से दोनों देश स्वास्थ्य सेक्टर में एक-दूसरे के सहयोगी रहे हैं और मदद करते रहे और जैसे कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में भारत की ओर से अमेरिका को मेडिकल मदद की गई थी उसी तरह अब जबकि भारत को ज़रूरत है तो अमेरिका मदद करने के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्प है. न्यूयॉर्क के जॉन एफ़ केनेडी हवाई अड्डे से भारत के लिए 318 ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर की पहली खेप दिल्ली पहुंच चुकी है .
आपको याद होगा ही की देश में बीते चौबीस घंटों में कोरोना संक्रमण के 3,52,991 ने मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं देश में कोरोना के कारण बीते चौबीस घंटों में 2812 लोगों की मौत हुई है. ताज़ा आंकड़ों के साथ देश में संक्रमण का कुल आंकड़ा अब 1,73,13,163 हो गया है जबकि इसके कारण मौतों का आंकड़ा 1,95,123 पहुंच गया है.
उम्मीद की जाना चाहिए की देश के भीतर युद्धस्तर पर किये जा रहे प्रयासों के साथ विदेशों से मिल रही इमदाद के बाद देश में कोरोना महामारी के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा .लेकिन सावधानी हर कदम पर जरूररी है ,क्योंकि अभी न तो टिका सभी देशवासियों तक पहुंचा है और न दुसरे संसाधन.जो भी सुविधाएं जुताई जा रहीं हैं वे संभाग स्तर पर ही हैं और वो भी आधी-अधूरी यानिh अभी समय लगेगा को कोरोना को देश निकाला देने में .इस काम में अगले तीन माह भी लग सकते हैं और तीन साल भी .जरूरत इस बात की है की सरकार कोरोना को लेकर जनता से कुछ भी न छिपाये .सरकार को इस समय कुर्सी की नहीं बल्कि जनता की फ़िक्र करना चाहिए .राजनीति से ऊपर उठे बिना इस कोरोना- महाभारत को जीतना सम्भव नहीं है.
@ राकेश अचल .
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