पूरी दुनिया में तबाही मचा चुका कोरोना भारत मे भी अपना कहर बरपा रहा है इस दुष्काल (बुरे समय ) ने आर्थिक और सामाजिक क्षति पहुंचाई है किंतु इस काल(समय) को भी सकारात्मक नजरिये से देखकर एक सुअवसर में बदल कर आगामी समय मे उज्ज्वल भविष्य के भारत की परिकल्पना कर सकते हैं
कोरोना की रोकथाम हेतु देश भर में लॉकड़ाउन के कारण व्यापारिक व आर्थिक गतिविधियों के रुकने से आर्थिक विकास की गति थम सी गई थी अब सरकार पुनः आर्थिक आयामों को गति देने हेतु विभिन्न कार्ययोजनाओं को अमलीजामा पहनाने का प्रयास कर रही है
आर्थिक स्थिति सुधारने के प्रयासों के दौरान कुछ कड़े निर्णय लेकर देश की दशा और दिशा सरकार बदलने का प्रयास प्रारम्भ कर चुकी है हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस विपरीत परिस्थितियों में भी सुअवसर देख कर देश को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है इस के अतिरिक्त कई अन्य अवसर भी है जो हम इस विपरीत परिस्थितियो के बावजूद उनको सुअवसर के बदल कर कई सुधार कर सकते हैं
शिक्षा पद्धति में परिवर्तन व सुधार
कोरोना काल के दौरान यह प्रयोग किया गया कि शिक्षा को किस तरह ऑनलाइन व टेलीविजन के माध्यम से सफलतापुर्वक प्रदान किया जा सकता है विभिन्न संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन क्लासेस व वेबिनार के माध्यम से शिक्षा प्रदान की गई इससे एक बात स्पष्ट हो गई की शिक्षा जहां अत्यधिक आवश्यक है वहीं प्रत्यक्ष रूप से विद्यार्थियों को बुलाकर प्रदान की जाएं बड़ी क्लासों में ऑनलाइन शिक्षा पद्धति लागू हो जिससे अनेक अनावश्यक खर्च कम होंगे और समय की बचत व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा उसका मूल्यांकन करने में आसानी होगी
डिजीटल का प्रयोग अनावश्यक खर्च रोकेगा
डिजिटल साधनों का इस्तेमाल कर आवश्यक बैठक मीटिंग , सेमिनार में किया जाए तो कई अनावश्यक खर्च व समय को बचाकर देश की समृद्धि में बड़ा योगदान दिया जा सकता है मंत्री परिषदों की बैठक , प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक , कॉरपोरेट घरानों के बैठक आदि में तमाम खर्चे व भत्ते के रूप में अनावश्यक व्यय किया जाता है साथ ही यात्रा में समय की बर्बादी भी होती है उन्हें डिजिटल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोका जा सकता है
"वर्क फ्रॉम होम " नए अवसर पैदा करेगा
कोरोना दुष्काल के दौरान अधिकांश संस्थान द्वारा अपने कर्मचारियों को घर से कार्य (work from home )करवाया गया जिससे कोरोना संक्रमण रोका जा सके यह कॉन्सेप्ट भविष्य में एक सुअवसर के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि कम्पनियों से लेकर सरकार तक सभी पूर्णकालिक के स्थान पर घर से कार्य करने बाले (free lancer) फ्रीलांसर को पार्ट टाइम के लिए कॉन्ट्रैक्ट द्वारा काम पर रख सकती है जिससे अनावश्यक अपव्यय से बचा जा सकता है साथ हीं फ्रीलांसर के लिए कई अवसर भी होंगे वह एक साथ अपनी सुविधानुसार एक से अधिक कॉन्ट्रेक्ट पर कार्य कर सकेंगे जिससे आय में बढ़ोतरी होगी
बैंकिग में सुधार व भ्रष्टाचार पर लगाम
इस समय सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता राशि सीधे जनधन खातों में प्रदान की गई जिससे हितग्राहियों को सीधा लाभ हुआ यह कॉन्सेप्ट सफल भी है इसीलिए शासन को पीडीएस वितरण प्रणाली में खाद्यान्न को सीधे वितरण पर रोक लगा कर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) जनधन खातों में दिया जाना चाहिए जिससे एक भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी जो कि पीडीएस में बड़े पैमाने पर होता है दूसरा गरीबो को सीधा लाभ अपने खाते द्वारा मिलेगा जिसमे कोई भ्रस्टाचार की संभावना नहीं है
हालांकि बैकिंग प्रणाली में थोड़े से सुधार की आवश्यकता है आधार एनेबल्ड पेमेन्ट सर्विसेज प्रदान करने बाले व्यक्तियों को आधार लिंक करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए साथ ही AEPS में सीएसपी होल्डर के आर्थिक भ्रष्टाचार पर कड़ी सजा का प्रावधान किया जा सकता है जिससे संचालक संस्थान व ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक दोनो को सजा का प्रावधान हो जिससे अच्छे व्यक्ति ही इस फील्ड में आ सकें और भ्रष्टाचार न हो
यह कुछ अवसर सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के बाद नज़र आते हैं यदि इन पर कार्य हुआ तो आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते देश के लिये काफी सहायक होगा चूंकि यह समय भविष्य के आंत्रप्रेन्योर व बिजनेसमैन को भी कई सुअवसर प्रदान कर रहा है बस अपनी सरसरी नजरों से उस अवसर को पकड़ना है शिक्षा के क्षेत्र में ,डिजिटल मार्केटिंग , डिजिटल एडवरटाइजिंग ,डिजिटल बैंकिंग ,फ्रीलांसर व वेबसाइट डिजाइनर ई कॉमर्स सहित कई फील्ड है जिनमे स्टार्टअप शुरू किया जा सकता है
लेखक :- देवानंद नायक इस वेबसाइट के फाउंडर व ब्लॉगिंगएंटरप्रेन्योर हैं

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