इसमें तय हुआ कि कैपिटल एक्सपेंडेंचर में वृद्धि की गई राशि को इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में खर्च किया जाएगा। चर्चा के बाद शिवराज ने बताया कि मप्र को एक यूनिटी मॉल केंद्र से मिला है तो दूसरा राज्य सरकार बनाएगी। इसकी घोषणा इसी बजट में होगी। अभी 2.72 लाख करोड़ का बजट है, जिसे 3 लाख करोड़ रु. किया जाएगा। शिवराज ने बताया कि अभी हम जीएसडीपी का 4.9% खर्च विकास कार्यों पर करते हैं, यह राशि 48 हजार करोड़ रुपए होती है। अगले बजट में 50 हजार करोड़ रुपए नई सड़कों, भवन निर्माण समेत आधारभूत ढांचे को विकसित किए जाने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार नई डेटा पॉलिसी भी लाने जा रही है। साथ ही सहकारी संस्थाओं के कंप्यूटराइजेशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

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