ओरछा में उमा भारती : शराब दुकान के सामने बांधी गाय


निवाड़ी।
मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाली बीजेपी की दिग्गज नेता एवं पूर्व सीएम उमा भारती (Uma Bharti) रामराजा सरकार की नगरी ओरछा पहुंच गई हैं। विवेकानंद तिराहे पर चल रही शराब दुकान का विरोध करते हुए उमा भारती ने साफ कहा कि रामराजा सरकार की नगरी में शराब की दुकान का क्या औचित्य है। इतना ही नहीं उन्होंने शराब दुकान के सामने गाय बांध दी है। गायों को केले और चारा भी खिलाया।

इस दौरान उमा भारती ने नया नारा दिया है- शराब नहीं, दूध पीयो। उमा ने कहा- युवा शराब छोड़कर दूध पिएं। 10 फरवरी को केदारेश्वर महादेव में महूरानी के पास पहली गऊ अदालत लगेगी। वहीं इससे पहले उन्होंने कहा कि लोगों की लत का उपयोग कर पैसे बनाना सरकार का धर्म नहीं है। इसमें मूल दोषी कौन है बात तो यहां आएगी। मैं हूं मूल दोषी, मुझे फांसी पर लटकाओ। मैंने सरकार के लिए वोट मांगे थे।

उमा भारती बोलीं- मैंने सरकार के लिए वोट मांगे थे

ओरछा में गुरुवार को शराब दुकान को लेकर उमा भारती ने साफ कहा कि शराब की दुकान के लिए गांव अलाट था। बीच नगर में दुकान अलाट नहीं हुई थी। जिला आबकारी अधिकारी को तय करना था। उमा भारती ने साफ कहा आबकारी अधिकारी को शर्म आना चाहिए थी। उन्होंने कहा कि शराब दुकान वाले तो अपना फायदा सोचेंगे। अभी यह बात भी सामने आएगी कि उसे कितने करोड़ का ठेका दिया गया था। रामराजा सरकार की नगरी ओरछा से शराब का क्या राजस्व वसूलना। आबकारी और जिला अधिकारी को टारगेट दिया जाता है।

नशा लोगों की आदत है व शराब लोगों की लत है और सरकार इसका उपयोग कर लेती है। लोगों की लत का उपयोग कर पैसे बनाना सरकार का धर्म नहीं है। सरकार का धर्म है कि लोगों की लत को खत्म कर ले। उन्होंने कहा कि इसमें मूल दोषी कौन है बात तो यहां आएगी। उमा भारती ने कहा इसमें मूल दोषी वह है जो राम का नाम लेते हैं। इसके बाद उमा भारती बोली मैं हूं मूल दोषी मुझे फांसी पर लटकाओ। उमा भारती बोली मैंने सरकार के लिए वोट मांगे थे।

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