गांधीवादी समाजिक कार्यकर्ता सुब्बाराव जी की शिक्षाओं का असर मोस्ट वांटेड अपराधी से राष्ट्रीय गौ रक्षक बनने का जीवन सफर




आज.हम आपको मिलवाते हैं चंबल घाटी के खूंखार बागी दस्यु सम्राट पंचम सिंह के गौ रक्षक बेटे संतोष चौहान से यहां बता दें कि एक करोड़ के इनामी रहे पूर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह ने सन 1972 में अपने 556 वागी साथियों सहित डॉ एस.एन सुब्बाराव की पहल पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा जिला मुरैना मध्य प्रदेश में सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया था पंचम सिंह को दस्यु पुनर्वास योजना के तहत सरकार ने लहार जिला भिंड मध्य प्रदेश में जमीन दी थी सन 1994 में उक्त जमीन में एक स्थानीय कद्दावर नेता ने हस्तक्षेप किया जमीन को हड़पने का प्रयास किया जिसका विरोध पंचम सिंह के 16 वर्षीये बेटे संतोष चौहान ने किया यहां से शुरू होती है संतोष चौहान की मोस्ट वांटेड 40000 के इनामी अपराधी से राष्ट्रीय समाजसेवी गौ रक्षक धर्म प्रचारक बनने की कहानी* पंचम सिंह की जमीन को हड़पने का प्रयास करने वाले कद्दावर नेता ने संतोष चौहान के नाम तीन हत्या अपहरण हत्या के प्रयास आदि के 35 प्रकरण दर्ज करवा कर तत्कालीन जिला पुलिस कप्तान द्वारा 40000 का इनाम घोषित करवा दिया था शासन प्रशासन से न्याय न मिलने एवं पुलिस एनकाउंटर से अपनी जान बचाने के लिए संतोष चौहान प्रख्यात समाजसेवी गांधीवादी विचारक डॉ एस.एन सुब्बाराव के पास चले गए डॉक्टर सुब्बाराव जी के साथ समाज सेवा के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर योगदान दिया संतोष के सेवा कार्यों से प्रभावित होकर भारत सरकार ने 2004 में डॉक्टर एसएन सुब्बाराव को राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना पुरस्कार से सम्मानित किया और संतोष चौहान को भी माननीय राष्ट्रपति महोदय से राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना पुरस्कार से सम्मानित किया गया देश के 8 राज्यों में उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी संतोष चौहान को प्रशंसा पत्र दिए गए 2007 में संतोष जयपुर राजस्थान में स्थित पदम विभूषित संत श्री नारायण दास पीठाधीश्वर के त्रिवेणी धाम आश्रम पहुंचे और वही रहकर संत नारायण दास के सानिध्य में सवा करोड़ गायत्री मंत्र जाप का अनुष्ठान कठोर तप साधना की नारायण दास महाराज ने संतोष का नाम परिवर्तित कर संत ओमप्रकाश दास रखा और संतोष चौहान ने एक भव्य गायत्री मंदिर का निर्माण करवाया संत समाज द्वारा उक्त मंदिर का संतोष चौहान को महंत नियुक्त किया गया अब संतोष चौहान उर्फ़ महंत ओमप्रकाश दास महाराज ने साधना के साथ गायत्री महायज्ञ के कार्यक्रम करवाने का सिलसिला शुरू किया और पूरे जयपुर जिले में 40 गायत्री महायज्ञ के कार्यक्रमों का सफल आयोजन करवाया एवं मंत्र जाप साधना करते करते 16000 गायत्री माता के हाथ से पेंटिंग करके चित्र बनाएं 

और निशुल्क वितरण करके लोगों के घरों में स्थापित करवाए हजारों लोगों को गायत्री उपासना पद्धति से जुड़ा सन 2010 में संतोष चौहान ने लहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया लगभग 3 माह बाद संतोष चौहान को 3 मर्डर एवं अन्य 35 प्रकरणों में हाई कोर्ट ग्वालियर से जमानत मिल गई और संतोष चौहान जेल से निकलकर अपने निवास लहार जिला भिंड मध्य प्रदेश रहने लगे संतोष चौहान ने गायत्री साधना एवं गायत्री महायज्ञ के आयोजन का सिलसिला जारी रखा और पूरे भिंड जिले एवं ग्वालियर संभाग में सैकड़ों गायत्री महायज्ञ के कार्यक्रम संपन्न करवाएं 20 भागवत कथाओं के सफल आयोजन करवाएं संतोष चौहान के 3 मर्डर प्रकरणों में मृतक बयान थे गवाह भी खिलाफ बोले थे उक्त प्रकरणों में संतोष के सहआरोपी साथियों को सजा हो चुकी थी संतोष को भी सजा होना सुनिश्चित था
तत्कालीन लहार कोर्ट में पदस्थ न्यायाधीश पीके शर्मा को प्रत्यक्षरूप से मां भगवती ने प्रेरणा दी और न्यायाधीश महोदय ने तीन हत्या एवं अपहरण हत्या आदि के प्रयास सहित 35 मुकदमों में संतोष को ससम्मान दोषमुक्त कर दिया था संतोष चौहान ने लहार नगर के समीप ग्राम श्यामपुरा में गायों की एक्सीडेंट से मौत होने की एक ह्रदय विदारक घटना देखी जिसमें वहान दुर्घटना से 6 गायों की एक साथ तड़प-तड़प कर मौक़े पर मौत हुईं उस घटना ने संतोष चौहान की अंतरात्मा को झकझोर दिया और संतोष चौहान ने आजीवन गौ रक्षा गौ सेवा करने का संकल्प ले लिया गायों की सेवा के लिए संतोष चौहान ने अपने निजी जमीन में मां गायत्री गौशाला खोली और उसमें नगर से बीमार घायल गायों को लाकर रखने एवं उनकी उपचार चारे पानी आदि की व्यवस्था की सेवा में जुट गए संतोष चौहान को कहीं भी जानकारी लगती कि किसी गाय का एक्सीडेंट हुआ है या कोई गाय भुख प्यास बीमारी के कारण असाध्य अवस्था में डली है तो उसको उठाकर अपनी गौशाला में लाते और उसकी सेवा करते इस तरह संतोष चौहान ने हजारों गायों को अपनी गौशाला में आश्रय दिया संतोष चौहान को जब पशु चिकित्सकों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिला तो उन्होंने खुद ही घायल बीमार गायों के इलाज करने की पद्धति को सिखा और मेडिकल से दवाइयां लेकर एक मेडिकल किट तैयार की अब संतोष चौहान को जहां भी सूचना मिलती वह तत्काल मौके पर पहुंचते और उक्त घायल बीमार गाय का उपचार करते संतोष चौहान का गौ सेवा गौ रक्षा कार अब अपनी गौशाला तक ही सीमित नहीं था संतोष चौहान पूरे जिले में दिन रात दौड़कर गौ सेवा का कार्य कर रहे थे संतोष चौहान ने निजी खर्चे से एक मारूती वैन गाड़ी खरीद कर उसको विमार घायल गौवंशौ के उपचार के लिए गौ एम्बुलेंस वना दिया था उसी से सेकडो वेसहारा भुखी गायों को हरा चारा लहार नगर में प्रतीदिन डलवाया जाता था कई वर्षों से लगातार लहार नगर में आज भी गौभडारा निंरन्तर चल रहा है हर मौसम में संतोष चौहान अपनी निजी 10 विघा ज़मीन में निजी खर्चे से हरा चारा तैयार करवातें है इतना ही नहीं संतोष चौहान ने गौभडारे के लिए जगह जगह लोगों को तैयार किया गौ भंडारे चालु करवाये दर्जनों अस्थाई गौशालाओं का निर्माण करवाया ओर उनको जन सहयोग से संचालित करवाया शासन की कई बन्द पड़ी गौशालाओं को भी संचालित करवाया


*तस्करों पर कसा सिकंजा गौतस्करी पर लगाईं लगाम*
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भिंड जिले में गौ तस्करी जौरों पर चल रही थी कई ट्रक रोज गायों के भरकर तस्कर गौवशौ को कत्लखाने ले जाते थें किसान फ़सल वचाने के लिए गायो को तस्करों के हवाले कर देते थे संतोष चौहान ने गौ तस्करी रोकने के लिए मां गायत्री गौरक्षा संगठन का गठन किया जगह-जगह जाकर लोगों को गौरक्षा संगठन से जोड़ने की मुहिम चलाई और जल्द ही हजारों गौरक्षकों का एक वडा संगठन बन गया अब हर जगह संतोष चौहान को गौ तस्करों की सूचना देने वाले मुखवर गौरक्षक तैयार हो गए थे जैसे ही संतोष चौहान को गौ तस्करों की जानकारी लगती तो संतोष चौहान रणनीति बनाकर गौ तस्करों की घेराबंदी करते और आधी रात्रि में भी सुचना मिलने पर राइफल लेकर मौक़े पर पहुच जातें और गायों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराते संतोष चौहान ने 1 दर्जन से अधिक गोवंश से भरे कंटेनर ट्रक घेराबंदी करके पकड़े और पुलिस के हवाले किये तस्करों ने संतोष चौहान पर कई वार प्राण घातक हमलें भी किये संतोष चौहान की घेराबंदी और धरपकड़ से भयभीत होकर तस्करों ने जिले में आना बंद कर दिया और गौ तस्करी पर लगाम लग गई


*लंम्पी वायरस संक्रमण से गायो को बचाने चलाईं मुहीम*
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ग्वालियर संभाग में जव लंम्पी वायरस गायों को चपेट में ले रहा था हजारों गौवंश वायरस से संक्रमित हो गये थे संक्रमित गोवंशौ को बचाने के लिए संतोष चौहान मैदान में उतरे और उन्होंने अपनी मां गायत्री गौशाला में सेकडो लंम्पी ग्रस्त गायों को लगाकर रखा और उनको उपचार करके स्वस्थ किया पशुपालन विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर जगह-जगह टीकाकरण करवाएं लंम्पी ग्रस्त गोवंशौ के लिए जिला प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड खुलवाएं लेकिन उनमें रखरखाव चारे पानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो संतोष चौहान ने जिला भिंड में प्रशासन के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया सैकड़ों गौरक्षक युवाओं को साथ लेकर नगर पालिका कार्यालय भिंड की तालाबंदी कर नारेबाजी की प्रशासन पर दबाव बना तो प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड में छाया एवं चारे पानी की व्यवस्था करवाना शुरू किया इसी तरह ग्वालियर में भी गौ रक्षा आंदोलन चलाया गोले के मंदिर पर नगर निगम द्वारा बनाई गई अस्थाई गौशाला में हजारों गोवंश सर्दी के प्रकोप से एवं चारे पानी के अभाव में भुख से कष्ट सह रहे थे संतोष चौहान वहां पहुंचे और गौशाला का निरीक्षण किया और व्यवस्था सुधार के लिए गोले के मंदिर महाराणा प्रताप चौराहे पर विशाल धरना प्रदर्शन किया 6 दिन चले धरने से घबराकर ग्वालियर नगर निगम प्रशासन ने तत्काल पूरी गौशाला में गौवशौ के सर्दी से बचाव के लिए त्रिपाल लगवाई और चारे पानी की पर्याप्त व्यवस्था के इंतजाम किए संतोष चौहान ने भिंड जिला कलेक्टर महोदय के कार्यालय के गेट पर गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने एवं बेसहारा गौवंशौ की प्रशासनिक स्तर पर समुचित व्यवस्था के प्रबंध किए जाने के संबंध में भी 8 दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर संतोष चौहान ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया और जगह जगह धरना प्रदर्शन किये जनजागरण यात्राये निकाली 100 से अधिक गांवों में जाकर ग्राम चौपालों के कार्यक्रम आयोजित किये गौ संवर्धन पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जैविक खेती और गौ पालन गौसेवा के वैज्ञानिक आध्यात्मिक लाभों की जानकारी से आमजन को अवगत कराया 125 गौरक्षा गायत्री महायज्ञ एवं भागवत कथायो के विशाल आयोजन पुरे देश में सम्पन्न करवाये संतोष चौहान कहते हैं की गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित किये जाने तक हमारा राष्ट्रव्यापी गौरक्षा आंनदौलन जारी रहेगा जीवन की अंतिम सांस तक गौसेवा ज़ारी रहैगी धरती पर मानव की उत्पत्ति से लेकर आज तक गौमाता मनुष्य की जीवन दायिनी पालन पौषण करनें वाली रहीं हैं वर्तमान में कलयुग के प्रभाव से गौमाता पर संकट आ गया है तो हमारा नेतिक धर्म वनता हैं हैं की हम अपनी देव स्वरुप गौमाता की रक्षा सुरक्षा सेवा के लिए आगे आए

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