लहार : नगर मेंमनीष विद्या पीठ स्कूल पुरानी गल्ला मण्डी रोड लहार में हमारे देश को स्वतंत्रता दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेता जी उर्फ़ सुभाष चंद्र बोस का 126 वाँ जन्मदिवस मनाया विद्यालय परिवार ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया एवं विद्यालय के बच्चों ने भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किये।
इस अवसर पर विद्यालय की संचालिका अनीता महते, प्राचार्या नेहा त्रिपाठी विद्यालय समिति के सचिव एडवोकेट सुमित महते एवम समस्त स्टाफ उपस्थित था।
विद्यालय की संचालिका एवम प्राचार्या ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के बारे में कुछ रोचक जानकारी बच्चो एवं समस्त स्टाफ के साथ शेयर की और बताया कि
सुभाष चन्द्र बोस जी का जन्म 23 जनवरी 1897 ओडिशा के कटक शहर में हिन्दू कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माँ का नाम प्रभावती था एवं उनकी म्रत्यु 18 अगस्त 1945 को हुई थी। सुभाष चंद्र बोस को हम सब नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं, वे भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिये, उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज का गठन में किया था।
उनके द्वारा दिया गया मुख्य रूप से जय हिंद का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बना और "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा" का नारा भी उनका था जो उस समय अत्यधिक प्रचलन में आया।
नेताजी की मृत्यु को लेकर आज भी विवाद है।
जहाँ जापान में प्रतिवर्ष 18 अगस्त को उनका शहीद दिवस धूमधाम से मनाया जाता है वहीं भारत में रहने वाले उनके परिवार के लोगों का आज भी यह मानना है कि सुभाष की मौत 1945 में नहीं हुई। वे उसके बाद रूस में नज़रबन्द थे। यदि ऐसा नहीं है तो भारत सरकार ने उनकी मृत्यु से सम्बंधित दस्तावेज़ अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किये?(यथा सभंव नेता जी की मौत नही हूई थी)
विद्यालय समिति के सचिव ने बताया कि 16 जनवरी 2014 (गुरुवार) को कलकत्ता हाई कोर्ट ने नेताजी के लापता होने के रहस्य से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की माँग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिये स्पेशल बेंच के गठन का आदेश दिया।
इस कार्यक्रम में विद्यालय की समस्त शिक्षक / शिक्षिकाओ के अलावा विद्यालय अध्ययन कर रहे छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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