लहार गौरव दिवस पर 100 वर्षीय बुजुर्ग के अनादर का नगरपालिका पर लगा आरोप


लहार नगर में नगर पालिका प्रशासन (Municipal Administration in Lahar Nagar) ने शनिवार वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह व गौरव दिवस का आयोजन किया. जिसमें आजादी से पूर्व के जन्मे सैकड़ों बुजुर्गों को आमंत्रित किया गया था.इसी क्रम में लहार के वार्ड नंबर 1 निवासी लगभग 100 वर्ष की आयु के पूर्व समर्पित दस्यु पंचम सिंह चौहान को भी आमंत्रण पत्र दिया गया और कुछ नगर पालिका कर्मचारी उनको वाहन से कार्यक्रम स्थल तक भी लेकर पहुंचे.कार्यक्रम में उपस्थित सभी बुजुर्गों के नाम का मंच से बोला गया, माला पहनाई गई, शाल व लहार विधायक गोविंद सिंह (Lahar MLA Govind Singh) की फोटो लगी शील्ड भेंट की गई.

हालांकि, मंच पर उपस्थित पूर्व समर्पित दस्यु पंचम सिंह चौहान (Pancham Singh Chauhan) की जानबुझकर अनदेखी कर अनादर किया गया. पंचम सिंह का मंच से ना ही नाम बोला गया और नहीं उन्हें सम्मानित किया गया और वापस छोड़ने की बोल कर ले जाने वालें लहार विधायक के नुमाइंदों ने उन्हें वापस घर छोडना भी उचित नहीं समझा. उपरोक्त आरोप पंचम सिंह के पुत्र व राष्ट्रपति सद्भावना पुरुस्कार से सम्मानित समाजसेवी संतोष चौहान ने लगाएं है

कौन हैं दस्यु पंचम सिंह चौहान?
बता दें कि पंचम सिंह चौहान सन 70 के दशक में चम्बल के बागी सरदार रहें हैं. मुरैना ज़िले के महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा में 1972 में पंचम सिंह चौहान ने अपने 555 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था.जेल से निकलने के बाद पंचम सिंह ब्रह्म कुमारी संस्था से जुड़ गए और देश-विदेशों में धर्म का प्रचार किया. पंचम सिंह के गौरक्षक पुत्र संतोष चौहान ने लहार विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे प्रतीत होता है कि नगरपालिका प्रशासन और लहार विधायक ने सुनियोजित तरीके से मेरे पिता का सार्वजनिक रूप से अपमान किया है.खुद बुजुर्ग हों चुके लहार विधायक और उनके लोगों एवं नगरपालिका प्रशासन ने अपने अमानवीय व्यवहार और संकीर्ण मानसिकता की सोच को प्रदर्शित किया

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ