भिण्ड। ब्लॉक भिंड के शासकीय प्राथमिक विलवार का ताल सपाड़, शासकीय माध्यमिक विद्यालय करन का ताल सपाड़ और एकीकृत शाला शासकीय माध्यमिक विद्यालय जो स्कूल समय में नहीं खुलते हैं और इन विद्यालयों में पदस्थ प्राचार्य अपनी मनमर्जी से स्कूल को खोलते व बंद करते हैं, इस तरह से ग्रामीणों व स्कूल में पढऩे वाले बच्चों ने बताया है। अगर ऐसे लापरवाह शिक्षक सरकारी स्कूलों में पदस्थ रहेंगे तो कैसे बच्चों का भविष्य में सुधार होगा। इन्हें तो सिर्फ सरकारी वेतन से मतलब रहता है अगर बच्चों का भविष्य खराब होता है तो इन्हें किसी तरह का फर्क नहीं पड़ता है। अगर बच्चों के भविष्य की जरा सी भी चिंत हो तो सरकारी समय 10.30 बजे तक विद्यालय ऑपन हो जाना चाहिए लेकिन अधिकांश यह तीनों स्कूलों 11 बजे के बाद ही खुलते हैं, जिसके पूरे साक्ष्य बेजोड़ रत्न के पास हैं। इस तरह की लापरवाही कई महिनों से बरती जा रही थी, जिसकी शिकायत दैनिक बेजोड़ रत्न को मिली तो मौके पर कबरेज करने गये तो देखा कि 11 बजे तक तीनों विद्यालयों में ताले जड़े हुए है और शिक्षक नदारत है और बच्चे स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। फिर भी ऐसे शिक्षकों पर कार्यवाही करने की बजह अधिकारी क्यों मेहरबान है।
आपकों बता दें कि 26 नवम्बर को शासकीय प्राथमिक विद्यालय विलवार का ताल (सपाड़) जो समय 11.04 तक स्कूल में ताले लटक रहे थे, इसी तरह शासकीय माध्यमिक विद्यालय करन का ताल (सपाड़) में भी 26 नवम्बर, समय 11.12 पर स्कूल ऑपन नहीं हुआ और शिक्षक नदारत थे, इसी तरह एकीकृत शाला शासकीय माध्यमिक विद्यालय सपाड़ में 26 नवम्बर, समय 11.13 बजे इस विद्यालय के भी ताले जड़े हुए थे। इस संबंध में जब बीआरसीसी रामबिहारी शर्मा से बात की गई तो उन्होने कहा कि हमने तीनों विद्यालय के प्राचार्य व सीएसी और संबंधित प्राचार्यो को बुलाया है कि आखिर उनके द्वारा इस तरह से स्कूल खोलने व बंद करने में लापरवाही क्यों बरती जा रही है और मामले की जांच कराकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
इनका कहना है:
मैंने आज सीएसी मुकेश ओझा और सत्यभानसिंह नरवरिया को बुलाया है जिनसे बोल दिया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।
-रामबिहारी शर्मा,
बीआरसीसी भिंड

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