- *बिखरे कुनबे को समेटने का प्रयास करती भाजपा*
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- *नेता प्रतिपक्ष व गृह मंत्री की दोस्ती लहार भाजपा दुर्गति कारण ?*
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- *लहार भाजपा के दबोह , आलमपुर व असवार मण्डल का कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न*
📝 *देवानंद नायक (साकांक्ष न्यूज़)*
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लहार : भिंड जिले की सियासत में भले ही भाजपा कांग्रेस एक दूसरे की कड़ी प्रतिद्वंद्वी हो किंतु यदि जिले की लहार विधानसभा क्षेत्र की बात करे तो यहाँ भाजपा हमेशा मुंह की खाती रही है (वर्ष 1985 के अपवाद को छोड़कर)
भाजपा तमाम प्रयोग ,संयोग या सहयोग व कूटनीतिक रणनीति यहां अपना चुकी है केवल हाथ मे असफलता ही आती रही है पुनः एक बार विधानसभा चुनाव नजदीक देख संगठन की चूलें कसने की कबायद शूरु हो गई है
इसी कवायद के अंतर्गत लहार भाजपा की पहली बैठक नवनियुक्त जिलाध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया द्वारा सुप्रसिद्ध हनुमान मंदिर कांक़्क्षी सरकार पर आयोजित की गई जिसमें जिला संगठन प्रभारी व पूर्व मंत्री दर्जा प्राप्त जयप्रकाश राजौरिया जिला पंचायत उपाध्यक्ष नंदराम बघेल लहार भाजपा से दो बार प्रत्याशी रहे रौन के चार के पूर्व विधायक रहे वरिष्ठ नेता रसाल सिंह युवा नेता रोमेश महंत , कार्यकरणी सदस्य अशोक चौधरी समेत तमाम स्थानीय नेता व संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का हुजूम एकत्रित हुआ
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाध्यक्ष देवेन्द्र नरवरिया द्वारा कार्यकर्ताओं से आवाहन किया गया है कि आगे कमर कस कर तैयार रहें हमे प्रदेश के साथ लहार में भाजपा का परचम फहराना है कार्यक्रम में बूथ स्तर तक मैनेजमेंट की बात होने की खबर सामने आ रही है
*असफलता के वास्तविक कारणों पर नही होती है चर्चा*
लहार भाजपा की चुनावी असफलता के कारण जोकि वास्तविक रूप से कारण है उन पर न कभी चर्चा होती है नही उन्हें दूर करने पर विचार किया जाता है केवल गुटबाजी को कारण बताकर एक दूसरे के सिर पर हार ठीकरा फोड़ दिया जाता है
किंतु केवल गुटबाजी ही हार का एक मात्र कारण नही है बल्कि गुटबाजी एक कारण है इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कि लंबे अंतराल से सत्तारूढ़ भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को कभी यह अहसास नही करवा पाई की वह सत्ता पार्टी के कार्यकर्ता है पार्टी में कई दलाल हावी होने की बात भाजपा के कार्यकर्ता दबी जुबान कहते रहे हैं पूरी विधानसभा में आज तक भाजपा पोलिंग बूथ पर कार्यकर्ता व टीम नही बना पाई चुनाव के दौरान बूथ स्तर पर पोलिंग एजेंट न बना पाना या गलत एजेंट बनाना भी हार का एक वास्तविक कारण है विधानसभा क्षेत्र के अलग अलग मंडलो में बूथ स्तर पर पृथक -2 रणनीति तैयार न करना अलग अलग जातीय और सामाजिक समीकरण के चक्रव्यूह को भेदना , अपने वोट बैंक में सेंध लगने से रोकने के अलावा कांग्रेस के कोर वोट बैंक में सेंधमारी की वास्तविक रणनीति बनाकर धरातल पर क्रियान्वयन करना यह चर्चा के विषय होने चाहिये थे किंतु यह सब चर्चाओं से बाहर थे
*नेता प्रतिपक्ष व गृह मंत्री की दोस्ती लहार भाजपा दुर्गति कारण ?*
प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा व लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह की दोस्ती को लहार भाजपा की दुर्गति का कारण माना जा सकता है ? क्योंकि इस विषय पर लहार भाजपा में कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार अनौपचारिक चर्चा होती रही है किंतु औपचारिक रूप से चर्चा नही होती है यदि यह कारण है तो कितने भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं द्वारा पार्टी के मंच पर वरिष्ठ नेतृत्व के सामने इन मुद्दों को उठाया गया ?
*इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष व विधानसभा प्रभारी उपेंद्र शर्मा ,भुजबल सिंह तोमर जिला मंत्री राजेश कौरव नवल किशोर मिश्रा , दबोह मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय ,असवार मण्डल अध्यक्ष अनूप त्यागी लहार लहार मण्डल अध्यक्ष जबर सिंह महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलम शर्मा किसान मोर्चा अध्यक्ष असवार प्रमोद शर्मा महामंत्री धमेंद्र जादौन युवा मोर्चा अध्यक्ष रामगोपाल यादव किसान मोर्चा दबोह अध्यक्ष राकेश यादव लहार किसान मोर्चा अध्यक्ष रणवीर राठौर सहित विभिन्न मोर्चा व प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे

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