*नरेंद्र सिकरवार* ========
कैलारस/ जनपद पंचायत मुख्यालय से महज लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत देवरी इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है ।गौरतलब हे। के ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक की तिकड़ी का बेलगाम राज चल रहा है पंचायतों का यूं तो कार्यकाल पूरा हो चुका है। उसके बावजूद दोबारा और अतिरिक्त हो चुकी हैं। ऐसे में इस तिकड़ी को मनमानी करने की खुली छूट मिली हुई है। पहले भी ऐसे तमाम काम कागजों में कराए गए या यूं कहें घटिया कराए गए जिनमें से कड़ी कोतमा का रास्ता नजर आया इतना ही कहने को तो यहां महिला सरपंच प्रतिनिधि हैं। लेकिन जब आप ग्राम पंचायत में जाएंगे और ग्रामीणों से चर्चा करेंगे तो सब पता लग जाएगा कि महिला जनप्रतिनिधि केवल रबड़ की मोहर मात्र हैं । असल सरपंच उन्हीं के परिवार के रिश्ते में उनके जेठ लगने हे। जो पूर्व में जनपद सदस्य भी रह चुके हैं। उनके हाथ में ग्राम पंचायत की लगाम हे। और उनके साथ मिलकर पंचायत के सचिव रोजगार सहायक पंचायत के कार्यों में जमकर मनमानी कर रहे हैं। जिसके चलते इतना दोयम दर्जे के कुछ निर्माण कार्य कराए गए जो होते ही दम तोड़ गए ।और जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपना अपना हिस्सा लें या यूं कहें चांदी की चकाचौंध में बराबर के भागीदार बन लूट को अंजाम दिया ! और अनुपयोगी निर्माण कार्य और घटिया निर्माण कार्यों की खुली छूट दे दी। जिसका पता तक महिला सरपंच होने के नाते उन्हें शायद ही हो ।उनके जेठ जी ओर सचिव रोजगार सहायक की तिकड़ी ने मनरेगा ,पंच परमेश्वर नाली निर्माण ,सीसी निर्माण सहित तमाम बोगस कार्य दर्शा कर शासन की राशि का आहरण कर लिया जो ग्राम पंचायत के देवरी और विभूति गांव में देखे जा सकते हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत भवन के मेंटेनेंस के नाम पर अक्सर राशि मंजूर करा कर डकार ली जाती है कार्य मजदूरों से ना कराया जाकर जेसीबी मशीन से कराया जाता है इतना ही नहीं साफ सफाई के नाम पर भी पैसा हजम कर लिया जाता है लेकिन यहां कभी ना सफाई होती है ना कोई बैठता है पंचायत भवन की दीवार है साफ-साफ इसे दर्शाती हैं देवरी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच क्या हमारे गांव में बरसों से ना तो साफ सफाई हुई है और ना ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सही है और जब इस संबंध में हमारे द्वारा संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो हमारी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होती जन चर्चा तो यहाँ तक भी की इन तीनों की तिकड़ी मनरेगा के कार्यों में फर्जी मस्टररोल भरकर राशि का आहरण कर लेते हैं पर सारा का सारा कार्य जेसीबी मशीन से कराया जाता है इसकी भी शिकायत ग्रामीणों द्वारा करना बताया गया लेकिन देवरी गांव के ग्रामीणों की पीड़ा थी कि हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही अब देखना यह है क्या शासन प्रशासन देवरी गांव के ग्रामीणों की सुनवाई करता है या यूं ही इस गांव के ग्रामीण विकास के लिए तरसते रहेंगे ! *खबर क्रमशः जारी*................ .

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