फायलेरिया (हाथीपाव) रोग से बचाव हेतु 20 से 27 सितम्बर तक दतिया जिले में डीईसी एवं एलबेण्ड़ाॅजाॅल की गोली खिलाई जायेगी

दतिया ब्यूरो चीफ नितिन दांतरे



फायलेरिया (हाथीपाव) की रोकथाम हेतु 20 से 27 सितम्बर 2021 को जिले में भी दो साल से अधिक आयु के सभी लोगों को डीईसी एवं एल्बेन्डाजोल की गोली का सेवन कराया जायेगा। उक्त आशय की जानकारी कलेक्टर श्री संजय कुमार की उपस्थिति में राष्ट्रीय फायलेरिया दिवस के संबंध में आयोति बैठक में दी गई।

न्यू कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर श्री एके चाॅदिल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरबी कुरेले, जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. हेमंत गौतम सहित संबंधित विभागांे के अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

कलेक्टर ने इस मौके पर राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम मलेरिया उन्मूलन लक्ष्य वर्ष 2027, मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण सबकी चिंता, सबकी भागेदारी विषय से संबंधित पोस्टर का भी विमोचन किया।

कलेक्टर ने इस मौके पर कहा कि 20 सितम्बर फायलेरिया दिवस पर शुरू होने वाले मापअप राउण्ड़ 21 एवं 22 सितम्बर एवं फाॅलोअर राउण्ड़ 23 से 27 सितम्बर को संचालित किया जायेगा। जिसकी जानकारी जन सामान्य को विभिन्न माध्यमों से दें। इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. गौतम ने बताया कि क्यूलेक्स मच्छर के काटने से लिम्फेटिक फाइलेरियेसिस होती है। जिसे सामान्य भाषा में हाथी पाव एवं फायलेरिया कहते है। यह बीमारी धागे के समान कृमि बालकेरिया ब्रेमक्रेफटाईट की वजह से होती है इसका संक्रमण लासिका (लिंक गृंथियों) में होता है इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति को प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, अंगो में दर्द, पैरो, हाथ, अण्डकोष, स्तन आदि भागों में सूजन आने लगती है जो धीरे-धीरे हाथ पाव का रूप ले लेती है। इस रोग को रोकने हेतु मच्छरों के पनपने से रोकना होगा। जिससे फायलेरिया के साथ-साथ मलेरिया डेंगू एवं चिकनगुनिया से भी सुरक्षित रहेंगे।

डाॅ. गौतम ने बताया कि सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) के तहत् डीईसी गोली की एक खुराक लगातार हर वर्ष सेवन करने से हाथी पांव की बीमारी होने से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम बच्चों एवं गर्भवती माताओं व गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को डीईसी एवं एलबेण्ड़ाजाॅल की गोली नहीं देना है जबकि दो से 5 वर्ष तक के बच्चे डीईसी की 100 मिलीग्राम की एक गोली, एलबेण्ड़ाजाॅल 400 मिलीग्राम की एक गोली देना है। जबकि पांच से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को डीईसी की एक गोली और एलबेण्ड़ाजाॅल की एक गोली, 14 से अधिक उम्र के व्यक्ति को डीईसी की तीन गोली और एलबेड़ाजाॅल की एक गोली खाना है लेकिन गोली खाते वक्त इस बात का ध्यान रखना है डीईसी की गोली की खुराक खाली पेट न लें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ