देवानंद नायक
पश्चिम बंगाल में अब भाजपा के भीतर ऑपरेशन विजयवर्गीय की सुगबुगाहट है। भाजपा के एक खेमे ने बंगाल के लिए पार्टी के केंद्रीय विचारक कैलाश विजयवर्गीय और उनके डिप्टी अरविंद मेनन को हटाने की मांग की है। पूर्व राज्य भाजपा प्रमुख और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से विजयवर्गीय और उनके डिप्टी की आलोचना की थी। उन्होंने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पार्टी की हार के संभावित कारणों पर एक रिपोर्ट सौंपी थी और उन्होंने दोनों का नाम भी लिया था। तथागत रॉय की लीक पर आगे बढ़ते हुए भाजपा के आसनसोल संगठनात्मक जिले के उपाध्यक्ष सुब्रत मिश्रा ने कहा है कि ‘हम इस तिकड़ी के कारण हार गए, कैलाश-मुकुल-मेनन। चुनाव में भाजपा के इस तरह के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए वे ही जिम्मेदार हैं… मुकुलदा ने इस्तीफा दे दिया है। मैंने अमित शाह-जी (मंगलवार को) को एक पत्र लिखा, जिसमें उनसे कैलाश जी और मेनन जी दोनों को बदलने का अनुरोध किया गया है।’ मुकुल रॉय को कैलाश विजयवर्गीय और मेनन ने पार्टी के पुराने नेताओं को हाशिए पर रखकर आगे बढ़ाया। भाजपा के महासचिवों में से एक, विजयवर्गीय, राज्य इकाई में मामलों के शीर्ष पर थे और उन्हें विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल से दलबदल के प्राथमिक वास्तुकार के रूप में देखा गया था। विजयवर्गीय और मेनन को हटाने की मांग आनेवाले दिनों में और बढ़ेगी क्योंकि बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के प्रति निष्ठावान नेताओं के दोनों के साथ हमेशा मतभेद थे। पार्टी की हार के लिए कैलाश-मुकुल-मेनन की तिकड़ी को जिम्मेदार बताते हुए भाजपा के इस खेमे का कहना है कि तृणमूल से आए लोगों को उम्मीदवार बनाने से पार्टी का पुराना कैडर इतना नाराज था कि कई जगह बगावत कर लोग निर्दलीय खड़े हो गए, जिससे पार्टी का नुकसान हुआ। पश्चिम मिदनापुर के गढ़बेटा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के एक नेता का आरोप है कि रॉय और विजयवर्गीय ने घोष के प्रतिनिधित्व वाली मिदनापुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाली सीटों पर ऐसे चेहरे उतारे जिन्हें स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता नापसंद करते थे। जिसका नतीजा यह हुआ कि मिदनापुर में जीतने की संभावना को कम कर दिया। इस तरह, वे यह दिखाना चाहते थे कि दिलीपदा अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में जीत सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं थे। यह उन्हें शर्मिंदा करने की एक चाल थी।
पश्चिम बंगाल में अब भाजपा के भीतर ऑपरेशन विजयवर्गीय की सुगबुगाहट है। भाजपा के एक खेमे ने बंगाल के लिए पार्टी के केंद्रीय विचारक कैलाश विजयवर्गीय और उनके डिप्टी अरविंद मेनन को हटाने की मांग की है। पूर्व राज्य भाजपा प्रमुख और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से विजयवर्गीय और उनके डिप्टी की आलोचना की थी। उन्होंने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पार्टी की हार के संभावित कारणों पर एक रिपोर्ट सौंपी थी और उन्होंने दोनों का नाम भी लिया था। तथागत रॉय की लीक पर आगे बढ़ते हुए भाजपा के आसनसोल संगठनात्मक जिले के उपाध्यक्ष सुब्रत मिश्रा ने कहा है कि ‘हम इस तिकड़ी के कारण हार गए, कैलाश-मुकुल-मेनन। चुनाव में भाजपा के इस तरह के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए वे ही जिम्मेदार हैं… मुकुलदा ने इस्तीफा दे दिया है। मैंने अमित शाह-जी (मंगलवार को) को एक पत्र लिखा, जिसमें उनसे कैलाश जी और मेनन जी दोनों को बदलने का अनुरोध किया गया है।’ मुकुल रॉय को कैलाश विजयवर्गीय और मेनन ने पार्टी के पुराने नेताओं को हाशिए पर रखकर आगे बढ़ाया। भाजपा के महासचिवों में से एक, विजयवर्गीय, राज्य इकाई में मामलों के शीर्ष पर थे और उन्हें विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल से दलबदल के प्राथमिक वास्तुकार के रूप में देखा गया था। विजयवर्गीय और मेनन को हटाने की मांग आनेवाले दिनों में और बढ़ेगी क्योंकि बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के प्रति निष्ठावान नेताओं के दोनों के साथ हमेशा मतभेद थे। पार्टी की हार के लिए कैलाश-मुकुल-मेनन की तिकड़ी को जिम्मेदार बताते हुए भाजपा के इस खेमे का कहना है कि तृणमूल से आए लोगों को उम्मीदवार बनाने से पार्टी का पुराना कैडर इतना नाराज था कि कई जगह बगावत कर लोग निर्दलीय खड़े हो गए, जिससे पार्टी का नुकसान हुआ। पश्चिम मिदनापुर के गढ़बेटा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के एक नेता का आरोप है कि रॉय और विजयवर्गीय ने घोष के प्रतिनिधित्व वाली मिदनापुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाली सीटों पर ऐसे चेहरे उतारे जिन्हें स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता नापसंद करते थे। जिसका नतीजा यह हुआ कि मिदनापुर में जीतने की संभावना को कम कर दिया। इस तरह, वे यह दिखाना चाहते थे कि दिलीपदा अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में जीत सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं थे। यह उन्हें शर्मिंदा करने की एक चाल थी।
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