न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवेहलना*
भोपाल (साकांक्ष न्यूज़ ) पिछले वर्ष नए कृषि अध्यादेश लागू होते ही मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड प्रबंध संचालक ने अध्यादेश को तुरंत ही लागू कर दिया उक्त अध्यादेश के अनुसार मंडी प्रांगण के अंदर टैक्स मंडी प्रांगण के बाहर व्यापारी से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा अध्यादेश को दृष्टिकोण रखते हुए प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड ने समस्त अंतर राज्य मंडी जांच चौकियों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया किसान विरोधी आंदोलन होने से मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कृषि अध्यादेश होल्ड किया गया जिससे मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड 1972 के प्रावधान पूर्व की तरह लागू कर दिये गए है लेकिन समस्त अंतर राज्य मंडी जांच चौकियों को पुनः संचालित ना करना कहीं ना कहीं कोर्ट के आदेश की अवहेलना है मंडी बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन के परिपालन में तुरंत ही समस्त अंतरराज्यीय चौकियों को संचालित करना चाहिए इससे कर अपवंचन पर रोक लग सके
*ये थे सुप्रीम कोर्ट के आदेश*
दिल्ली में पंजाब और हरियाणा के किसानों के विरोध के बीच 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों नए कृषि कानूनों पर रोक लगा दी थी। सरकार और किसानों के बीच बातचीत करके दो महीने में रिपोर्ट देने के लिए 4 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई। हालांकि आंदोलन कर रहे किसानों ने इस कमेटी के सामने बात रखने से इंकार कर दिया था। कुछ दिन बाद ही इस कमेटी के एक सदस्य ने खुद को इससे अलग कर लिया। किसान आंदोलन अभी भी जारी है। ऐसे में इन तीनों नए कानूनों का आगे क्या होगा, इस पर असमंजस है।

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