भिण्ड (देवानंद नायक ) जिले की लहार विधानसभा सीट सूबे की उन चर्चित सीटों में सुमार रही है जिन पर सियासी पंडितों की पैनी नजर रहती हैं लहार सीट से तीन दशक से अपराजित विधायक रहे डॉ गोविंद सिंह जनता दल से विधायक बन दिग्गी राजा की मार्फ़त कांग्रेसी बने और अब सूबे की सियासत में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सुमार किये जाते हैं लहार से 7 वी बार विधायक व दो सरकारों (दिग्विजय व कमलनाथ ) में मंत्री रह चुके गोविन्द सिंह की लहार को कांग्रेस का या यूं कहें डॉ गोविन्द सिंह का अवेद्य किला माना जाता रहा है किंतु अगर इसे दूसरे नजरिये से देखें तो यह भी कह सकते हैं कि लहार विपक्ष विहीन क्षेत्र है या यहां डॉ गोविंद सिंह के सामने सियासत करने वाले अधिकांश राजनेता जमीनी हकीकत और सियासत से कोसो दूर है भाजपा की पिछले चुनावों की रणनीति पर नजर डाले तो तमाम चहरे मोहरे बदलने के बाद भी कई मतदान केंद्र पर पोलिंग बूथ एजेंट ढूंढने अक्षम नजर आती है
लहार की सियासत में तीन दशक से अधिक समय से महंत परिवार मथुरा महंत जो भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले एक मात्र विधायक बने थे उनका व उनके पुत्र रोमेश महंत का सीधा सियासी हस्तक्षेप रहा है भाजपा फिर बसपा और पुनः भाजपा की सियासत कर रहे रोमेश बसपा के टिकट पर दोबार विधानसभा की जोर आजमाइश कर चुके हैं वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा में वापसी कर चुके रोमेश को 2018 में टिकट नही मिला लेकिन उन्होंने 2023 पर निगाहें टिकाते हुए लहार विधानसभा की जनता से सीधा संवाद का निर्णय लिया और यह निर्णय परिणित हुआ
*"एक दिन एक रात : एक पंचायत" अभियान में मार्च माह अंतिम पखवाड़े में प्रथम चरण का आरंभ होकर इस अभियान को जमीनी अमली जामा पहना कर सियासत का मास्टर स्ट्रोक खेला है लहार विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में यह अपने आप मे अनूठा जनसंपर्क अभियान है जिसकी परिकल्पना लहार के नेताओं ने नही की जबकि इस तरह के जनसंपर्क की महत्ती आवश्यकता काफी समय पहले से रही है *एक दिन एक रात : एक पंचायत* और *संपर्क से समाधान* अभियान के प्रथम चरण में लहार विधानसभा के दबोह सर्किल में ग्राम दावनी विसनपुरा सिद्धपुरा ,धनौरा ,रौनी ,बिजपुर , परेछा ,दबरा रमपुरा ,सलमपुरा, चिरावली, धमोखर ,फूलबाग , खजुरी ,बरौआ बेहटा , होते हुए लहार तहसील में संपर्क से समाधान के माध्यम से समाप्त हुआ उसके अप्रेल माह के प्रथम सप्ताह में शुरू हुए द्वितीय चरण में ग्राम बिडख़री , नोधा , बसन्तपुरा राव ,कोट ,नंदना पचोखरा ,गांध आदि पंचायतों में बदस्तूर जारी है
इस अभियान के माध्यम सियासत में नई विसात बिछा कर बड़ी लाइन खिंचने की तैयारी में युवा नेता रोमेश महंत की नजर भोपाल पर टिकी है



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